चक्रवात ‘अर्नब’ से आंध्र में खतरा, तटीय इलाकों पर नजर.. मुख्यमंत्री नायडू ने कंट्रोल रूम बनाने के दिए निर्देश – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव क्षेत्र सोमवार को चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ में बदल गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह तूफान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. फिलहाल यह आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से 650 किलोमीटर और काकीनाडा से 730 किलोमीटर दूर है. वहीं, अंडमान के श्री विजयपुरम से इसकी दूरी करीब 590 किलोमीटर है. इसी बीच आंध्र मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात अर्नब के खतरे को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने और हर स्तर पर पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में कंट्रोल रूम बनाने और लोगों को समय पर मौसम से जुड़ी जानकारी देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि चक्रवात के दौरान किसी की जान नहीं जानी चाहिए और संपत्ति को होने वाले नुकसान को कम से कम रखने के प्रयास किए जाएं. इसके लिए लोगों के मोबाइल फोन पर लगातार अलर्ट और अपडेट भेजे जाएं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तटीय गांवों के लोगों को सरकार की सलाह मानने के लिए समझाने को भी कहा. जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि चक्रवात के दौरान तेज हवाएं चलने की आशंका  है. इसे देखते हुए उन्होंने बिजली विभाग को पूरी तरह तैयार रहने और बिजली सप्लाई बाधित होने पर जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए. उन्होंने समुद्र में मौजूद सभी नावों को सुरक्षित तट पर वापस लाने को भी कहा. मुख्यमंत्री ने कहा कि चक्रवात के कारण परिवहन और संचार सेवाएं बाधित हो सकती हैं. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को परेशानी से बचाने के लिए पहले ही अस्पतालों में पहुंचाया जाए. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जरूरी सेवाओं को बहाल करने में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव क्षेत्र चक्रवात में बदल सकता है. मौसम के मौजूदा पूर्वानुमान के मुताबिक, यह चक्रवात 28 अक्टूबर की दोपहर तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकरा सकता है. कोनसीमा, यानम और काकीनाडा के तटीय इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, यह मौसमी सिस्टम 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवात, उसी रात गंभीर चक्रवात और 27 अक्टूबर को बहुत गंभीर चक्रवात का रूप ले सकता है. तट से टकराते समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. कुछ समय के लिए हवा की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी जा सकती है.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हर चार घंटे में चक्रवात से जुड़ा बुलेटिन जारी करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि मौसम की ताजा जानकारी बिना देरी के आम लोगों और जमीन पर तैनात अधिकारियों तक पहुंचाई जाए, ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें.

अधिकारियों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के उत्तरी और मध्य तटीय जिलों में 27 और 28 अक्टूबर को भारी से बेहद भारी बारिश होने की आशंका है. कुछ जगहों पर असाधारण रूप से भारी बारिश भी हो सकती है. काकीनाडा, अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, कोनसीमा और पूर्वी गोदावरी समेत उत्तरी आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने का अनुमान है. अधिकारियों ने बताया कि 27 और 28 अक्टूबर को बारिश का असर सबसे ज्यादा रहने की संभावना है.

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