एग्रीवेट: Soybean Production India: इस बार सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के लिए खरीफ सीजन की तस्वीर मिली-जुली रहने वाली है. कहीं अच्छी बारिश और अनुकूल मौसम से फसल की पैदावार बढ़ने की उम्मीद है, तो कहीं लंबे समय तक बारिश नहीं होने से खेतों में खड़ी फसल सूख गई. इसका असर देश के कुल सोयाबीन उत्पादन पर भी पड़ने वाला है.
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, खरीफ सीजन 2026 में देश में सोयाबीन का उत्पादन करीब 107.93 लाख टन रह सकता है. यह पिछले साल के 110.26 लाख टन के मुकाबले 2.11 फीसदी कम है. हालांकि, मध्य प्रदेश और राजस्थान में अच्छी पैदावार से महाराष्ट्र में हुए नुकसान की काफी हद तक भरपाई होने की उम्मीद है.
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SOPA की पहली फसल रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल देश में सोयाबीन की बुवाई का रकबा बढ़ा है, लेकिन कई राज्यों में सूखे जैसे हालात ने फसल को नुकसान पहुंचाया है. सोयाबीन की खेती के लिए शुरुआती बढ़त के बाद फसल में दाना भरने के समय खेतों में नमी रहना जरूरी होता है. लेकिन महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के कई इलाकों में लंबे समय तक बारिश नहीं हुई, जिससे फसल प्रभावित हुई.
रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीन राज्यों में कुल 7.02 लाख हेक्टेयर में बोई गई सोयाबीन की फसल पूरी तरह खराब हो गई. इस वजह से वहां के किसान फसल की कटाई भी नहीं कर सके. इसके बावजूद मध्य प्रदेश और राजस्थान में बेहतर उत्पादन की उम्मीद के चलते देश की कुल पैदावार में गिरावट ज्यादा बड़ी नहीं रहने का अनुमान है.
मध्य प्रदेश देश में सोयाबीन पैदा करने वाला सबसे बड़ा राज्य है. इस बार यहां किसानों के लिए राहत की खबर है. SOPA के अनुमान के अनुसार, राज्य में सोयाबीन का उत्पादन बढ़कर 57.16 लाख टन पहुंच सकता है, जबकि पिछले साल यह 43.24 लाख टन था. यानी उत्पादन में करीब 32.2 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान है. राज्य में सोयाबीन की खेती का रकबा भी बढ़ा है. पिछले साल जहां 48.64 लाख हेक्टेयर में फसल बोई गई थी, वहीं इस बार यह बढ़कर 52.09 लाख हेक्टेयर हो गया. इसके साथ ही प्रति हेक्टेयर औसत पैदावार 889 किलो से बढ़कर 1,108 किलो रहने का अनुमान है.
महाराष्ट्र में इस बार सोयाबीन किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. यहां उत्पादन 33.2 फीसदी घटकर 34.88 लाख टन रहने का अनुमान है. लंबे समय तक बारिश नहीं होने और खेतों में नमी की कमी से फसल की बढ़वार प्रभावित हुई.
इसके उलट राजस्थान में सोयाबीन की पैदावार बेहतर रहने की उम्मीद है. राज्य में उत्पादन 48.2 फीसदी बढ़कर 9.47 लाख टन तक पहुंच सकता है. राजस्थान और मध्य प्रदेश में बढ़े उत्पादन से महाराष्ट्र में हुए नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी.
देशभर में इस खरीफ सीजन में सोयाबीन की बुवाई 117.73 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले साल के 112.14 लाख हेक्टेयर से करीब 5 फीसदी ज्यादा है. लेकिन कम बारिश और मिट्टी में नमी की कमी के कारण 7.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल प्रभावित हुई. इसके चलते वास्तविक कटाई वाला रकबा घटकर 109.98 लाख हेक्टेयर रह गया.
SOPA के अनुसार, कटाई वाले क्षेत्र में प्रति हेक्टेयर औसत पैदावार करीब 981 किलो रहने का अनुमान है. पिछले साल यह 983 किलो थी. सोयाबीन से खाद्य तेल के साथ पशु और मुर्गी पालन के लिए प्रोटीन भी मिलता है. ऐसे में उत्पादन में होने वाला यह बदलाव किसानों के साथ तेल उद्योग और पशुपालन क्षेत्र के लिए भी अहम है. हालांकि, ये शुरुआती अनुमान हैं और अंतिम उत्पादन के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है.