एग्रीवेट: Haryana Paddy Procurement: हरियाणा के अंबाला जिले में 1,750 से ज्यादा किसानों ने इस साल धान की पैदावार अधिक होने का दावा किया है. इन किसानों ने सरकार से तय सीमा से ज्यादा धान की खरीद करने की मांग की है. किसानों का कहना है कि उनकी फसल का उत्पादन निर्धारित सीमा से अधिक हुआ है. केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, हरियाणा सरकार ने खरीफ विपणन सीजन (KMS) के लिए हर जिले में धान की खरीद की सीमा तय की है. हालांकि, किसान इन पाबंदियों से संतुष्ट नहीं हैं और अतिरिक्त धान की खरीद की मांग कर रहे हैं.
अंबाला में धान की खरीद की सीमा 26.26 क्विंटल प्रति एकड़ तय की गई थी, जबकि किसानों का दावा है कि इस साल उनकी पैदावार 30 क्विंटल प्रति एकड़ से अधिक हुई है. किसानों ने इस सीमा को बढ़ाने के लिए कई बार सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से मांग की. किसानों की मांगों के बाद राज्य सरकार ने अतिरिक्त धान की खरीद की अनुमति देने के निर्देश जारी किए. इसके तहत जिन किसानों की वास्तविक पैदावार तय सीमा से अधिक है, उनका अतिरिक्त धान भी खरीदा जा सकता है. हालांकि, इसके लिए फसल की पैदावार का सत्यापन करना जरूरी होगा.
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार तक अंबाला जिले में अधिक पैदावार का दावा करने वाले धान किसानों से 1,758 आवेदन मिले हैं. इनमें सबसे ज्यादा 651 आवेदन नारायणगढ़ से आए हैं. इसके बाद बराड़ा से 532, अंबाला छावनी से 328 और अंबाला शहर से 247 आवेदन मिले हैं. भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के प्रवक्ता तेजवीर सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे आवेदन भरते समय सभी जानकारियां सही तरीके से दर्ज करें. उन्होंने कहा कि आवेदन में गलती होने पर किसानों के दावे खारिज हो सकते हैं.
अंबाला के उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने द ट्रिब्यून से कहा कि मंडी समितियों के माध्यम से 1,750 से ज्यादा आवेदन मिले हैं. इन आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद संबंधित आंकड़े मंडी समिति के सचिवों को भेजे जाएंगे, ताकि किसानों के अतिरिक्त धान की खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके. वहीं, अंबाला छावनी मंडी समिति के सचिव नीरज भारद्वाज ने कहा कि कुछ नए आवेदनों का डेटा तैयार किया जा रहा है. इसे सत्यापन के लिए भेजा जाएगा. जांच पूरी होने के बाद यह जानकारी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को भेजी जाएगी.
बता दें कि बीते दिनों हरियाणा सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 में किसानों को राहत देने के लिए तय उपज सीमा से ज्यादा धान की खरीद के निर्देश दिए थे. इसके लिए पहले उपज का सत्यापन किया जाएगा. सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सत्यापन के बाद किसानों की अतिरिक्त धान उपज भी खरीदी जाए. इससे किसानों को अपनी पूरी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने में परेशानी नहीं होगी.