खेत बचाओ अभियान से किसानों को क्या फायदा होगा? शिवराज सिंह चौहान ने बताई इसकी अहमियत – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: Khet Bachao Abhiyan: खेती में अच्छी पैदावार लेने के लिए किसान अक्सर खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार जरूरत से ज्यादा खाद डालने से मिट्टी की सेहत पर असर पड़ता है और खेती का खर्च भी बढ़ जाता है. इसी परेशानी को कम करने के लिए केंद्र सरकार ‘खेत बचाओ अभियान-रबी 2026’ शुरू करने जा रही है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान हरियाणा के करनाल से इस देशव्यापी अभियान की शुरुआत करेंगे. यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा. इसके तहत किसानों को मिट्टी की जांच के हिसाब से खाद डालने, कीटनाशकों का सही इस्तेमाल करने और खेती की लागत कम करने के तरीके बताए जाएंगे.

इस अभियान का मकसद खेत की मिट्टी को उपजाऊ बनाए रखना और खेती का खर्च कम करना है. किसानों को बताया जाएगा कि हर खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए पहले मिट्टी की जांच कराएं और फिर उसी के हिसाब से खाद डालें. इससे खाद पर होने वाला फालतू खर्च बचेगा और फसल को जरूरत के मुताबिक पोषण भी मिलेगा. साथ ही, किसानों को कीटनाशकों का सही और संतुलित इस्तेमाल करने की जानकारी भी दी जाएगी.

खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को धान और गेहूं के अलावा दलहन, तिलहन और बागवानी फसलें उगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके लिए सरकार की दूसरी योजनाओं की मदद ली जाएगी. किसानों को बताया जाएगा कि अपनी जमीन और मौसम के हिसाब से अलग-अलग फसलें उगाने से किसी एक फसल पर निर्भरता कम हो सकती है. साथ ही, धान की कटाई के बाद खाली पड़े खेतों का इस्तेमाल कैसे करें, इसकी जानकारी भी दी जाएगी.

धान की कटाई के बाद खेत में बची पराली को जलाने के बजाय उसका सही इस्तेमाल करने के तरीके किसानों को बताए जाएंगे. इससे पराली जलाने की जरूरत कम होगी और खेती में बचे संसाधनों का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा. इसके अलावा किसानों को जैविक खाद और दूसरे जैविक उत्पादों के सही इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी. प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ट्रेनिंग और खेतों में प्रदर्शन भी किए जाएंगे. किसानों को बताया जाएगा कि मिट्टी की जरूरत के हिसाब से खाद और दूसरे कृषि उत्पादों का इस्तेमाल कैसे करें.

प्रिय किसान भाइयों-बहनों, आज से खेत बचाओ अभियान शुरू हो रहा है। आप सभी इसमें जरूर भाग लें और धरती मां को स्वस्थ रखने के लिए खाद व कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करें।

इस अभियान के तहत राज्य से लेकर गांवों तक किसान सम्मेलन, चौपाल और ट्रेनिंग कार्यक्रम होंगे. कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालय मिलकर किसानों को जरूरी जानकारी देंगे. किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में समझाया जाएगा. इसके अलावा रेडियो, दूरदर्शन और सोशल मीडिया की मदद से भी अभियान की जानकारी ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाई जाएगी.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से इस अभियान में हिस्सा लेने की अपील की है. सरकार का जोर किसानों को ऐसे तरीके अपनाने के लिए प्रेरित करने पर है, जिनसे मिट्टी की सेहत बनी रहे और खेती पर होने वाला अनावश्यक खर्च घटे. अगर किसान मिट्टी की जांच के आधार पर खाद का इस्तेमाल करें, फसल अवशेषों का सही प्रबंधन अपनाएं और अलग-अलग फसलों की खेती पर ध्यान दें, तो लंबे समय में खेती को ज्यादा टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है.

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