एग्रीवेट: हरियाणा में खेतों में खंभे लगाने और हाइटेंशन लाइन गुजरने के सही मुआवजे को लेकर किसान संगठन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच कुरुक्षेत्र जिले के धुराला गांव में बुधवार को एक किसान ने कथित तौर पर खेत में बिजली के खंभे लगाए जाने का विरोध करते हुए खुद को आग लगा ली और उसे बचाने की कोशिश में उसकी बहन के हाथ जल गए. चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में भर्ती कराया गया है. परिजनों का आरोप है कि कोर्ट के स्टे के बाद भी बिजली विभाग ने जबरन खेत में 4 खंभे लगा दिए.
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के धुराला गांव के रहने वाले किसान के परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार जगपाल के भाई रमेश कुमार ने बताया कि परिवार के चार भाइयों के पास आधा-आधा एकड़ के चार भूखंड हैं. उन्होंने बताया कि बिजली विभाग ने जगपाल की जमीन पर चार खंभे लगाए थे और 33 किलोवाट तथा 11 किलोवाट की बिजली लाइन के लिए तीन और खंभे लगाने की योजना थी. रमेश ने बताया कि जगपाल ने छह महीने पहले इस मुद्दे को लेकर अदालत में मामला दायर किया था और मामले की अगली सुनवाई चार नवंबर को तय है.
उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारी अपराह्न लगभग 12:30 बजे पुलिस के साथ खेत में पहुंचे और खंभे लगाने शुरू कर दिए. उन्होंने कहा कि जगपाल अपने परिवार के सदस्यों के साथ वहां पहुंचे और विरोध जताया. रमेश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब कर्मचारी नहीं रुके, तो जगपाल पेट्रोल लेकर आए और खुद को आग लगा ली. उन्होंने कहा कि इस दौरान जगपाल को बचाने की कोशिश में उनकी बहन प्रीतो घायल हो गईं.
बिजली विभाग के एसडीओ संदीप कुमार ने कहा कि अदालत का कोई स्थगन आदेश लागू नहीं था. उन्होंने कहा कि विवाद जगपाल और उनके एक पड़ोसी के बीच था, जिनके घर में बिजली आपूर्ति की समस्या थी. उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ गई टीम दो खंभे लगाने गई थी और जब जगपाल ने खुद को आग लगाई, तब लगभग 99 फीसदी काम पूरा हो चुका था. अधिकारी ने परिवार के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि खंभे उनके खेत की सीमा पर लगाए जा रहे थे.