1 लाख देने का वादा पर दिए 5 हजार.. किसान के रकम वापस भेजने पर घिरे सीएम, बरसीं सुप्रिया सूले – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: महाराष्ट्र का 85 फीसदी इलाका सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है. बीते दिन राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों को 5 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी. धाराशिव जिले के सोयाबीन किसान ने सहायता राशि को नुकसान की तुलना में मामूली बताते हुए सरकार लौटा दी. इसके बाद से राज्य में किसानों को सूखे से बचाने के लिए किए जा रहे सरकार के प्रयासों और पूर्व में किए गए वादों को लेकर सियासत शुरू हो गई है. NCP-SP नेता सुप्रिया सुले ने सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि 1 लाख रुपये किसानों को देने का वादा किया गया था उसका क्या हुआ. वहीं, शिवसेना यूबीटी सांसद ने फडणवीस सरकार को निर्दयी बताया. अन्य विपक्षी नेताओं ने भी मात्र 5 हजार रुपये देने पर निशाना साधते हुए तीखा हमला बोला है. वहीं, सीएम फडणवीस ने मामले पर जवाब दिया है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीते दिनों राज्य के सूखा प्रभावित किसानों को 5 हजार रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की है. इस राशि को लेकर विवाद तब शुरू हो गया जब एक सोयाबीन किसान ने रकम को मामूली बताया और सरकार को लौटा दी. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार धाराशिव जिले के सोयाबीन किसान चांद शेख ने सरकार की ओर से सूखा प्रभावित किसानों के लिए घोषित अंतरिम वित्तीय सहायता को ‘मामूली’ बताते हुए विरोध जताने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 5,000 रुपये का ‘मनीऑर्डर’ भेजा है.

धाराशिव तहसील के सुरडी गांव के किसान चांद शेख ने मीडिया को बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को 5 हजार रुपये का मनीऑर्डर भेजा है. शेख ने दावा किया कि उन्हें सोयाबीन की फसल से महज 3,900 रुपये मिले और मनीऑर्डर भेजने के लिए उन्होंने एक मित्र से 1,100 रुपये उधार लिए. चांद शेख ने सुरडी डाकघर के बाहर कहा कि मैंने अपने खेत में डेढ़ एकड़ में सोयाबीन की फसल उगाई थी. इस पर 25 हजार रुपये खर्च किए और मुझे 60 किलोग्राम उपज मिली. इससे मुझे केवल 3,900 रुपये मिल सके. मनीऑर्डर भेजने के लिए मैंने अपने मित्र से 1,100 रुपये उधार लिए. खुद को चांद शेख का मित्र बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि उसने शेख को 1,100 रुपये उधार दिए थे.

अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है. NCP-SP नेता सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति पर कहा कि बहुत ही चिंताजनक परिस्थिति है. शरद पवार ने मुख्यमंत्री को दो खत लिखकर बहुत सारे सुझाव दिए हैं. हम सूखे पर राजनीति नहीं करना चाहते, हम सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार हैं लेकिन सरकार की ओर से कुछ सुनाई नहीं दे रहा है क्योंकि कोई योजना भी नहीं चल रही है. किसानों को 5 हजार रुपये नहीं बल्कि 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर देने का वादा इस सरकार ने किया था. हम इसकी मांग करते हैं. बहुत सारी योजनाओं के तहत भी इस सरकार को पैसा देना था लेकिन वो नहीं आया. किसानों से जो भी वादे किए गए थे, उसमें से एक भी वादा इस सरकार ने नहीं निभाया है.

#WATCH | पुणे | NCP-SP नेता सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति पर कहा, “बहुत ही चिंताजनक परिस्थिति है। शरद पवार ने मुख्यमंत्री को दो खत लिखकर बहुत सारे सुझाव दिए हैं। हम सूखे पर राजनीति नहीं करना चाहते, हम सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार हैं लेकिन सरकार की ओर से कुछ सुनाई नहीं दे रहा है क्योंकि कोई योजना भी नहीं चल रही है… किसानों को 5 हजार रुपये नहीं बल्कि 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर देने का वादा इस सरकार ने किया था। हम इसकी मांग करते हैं। बहुत सारी योजनाओं के तहत भी इस सरकार को पैसा देना था लेकिन वो नहीं आया। किसानों से जो भी वादे किए गए थे, उसमें से एक भी वादा इस सरकार ने नहीं निभाया है।”

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा दिवाली के अवसर पर किसानों को 5,000 रुपये देने की घोषणा पर कहा कि बहुत दुख होता है. यह सरकार निर्दयी और असंवेदनशील है. किसानों को सिर्फ 5,000 रुपये देकर क्या होगा? उन्हें कर्जमुक्त करना तो दूर, उनके सिर पर पहले से ही कर्ज का बोझ है. क्या आप उन्हें भीख दे रहे हैं? सरकार को थोड़ी तो शर्म करनी चाहिए.

महाराष्ट्र में कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने राज्य सरकार की दिवाली से पहले किसानों के खाते में 5000 रुपये ट्रांसफर करने की घोषणा पर कहा कि 5000 से क्या होगा? इतने हालात खराब हैं, आज लोगों को पीने के पानी का सवाल पैदा हो गया है. मुंबई में बोलते हैं कि अभी 10-15 तारीख से पानी कम कर देंगे. हालात बहुत खराब हैं, सरकार को इसके ऊपर विचार करना चाहिए.

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