एग्रीवेट: UP Agriculture Scholarship: उत्तर प्रदेश में कृषि की पढ़ाई करने वाले किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है. योगी सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाने का फैसला किया है. अब पात्र विद्यार्थियों को सालाना 36 हजार रुपये की जगह 60 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी. यानी विद्यार्थियों को एक साल में 24 हजार रुपये अधिक मिलेंगे. इसके साथ ही योजना के तहत छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों की निर्धारित सीटें भी दोगुनी कर दी गई हैं. पहले जहां 1,410 विद्यार्थियों को इसका लाभ देने का प्रावधान था, वहीं अब 2,820 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिल सकेगी. इस फैसले से कृषि शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत कृषि शिक्षा प्राप्त कर रहे पात्र विद्यार्थियों को अब सालाना 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है. पहले इस योजना के तहत विद्यार्थियों को सालाना 36 हजार रुपये मिलते थे. इस तरह छात्रवृत्ति में कुल 24 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है. नई व्यवस्था के अनुसार, विद्यार्थियों को हर महीने पांच हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी, जबकि पहले यह राशि तीन हजार रुपये प्रति माह थी. इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों को कृषि की उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद देना है, ताकि आर्थिक परेशानियों के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो.
योगी सरकार ने छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाने के साथ ही इसके दायरे का भी विस्तार किया है. पहले मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत 1,410 विद्यार्थियों को लाभ देने का प्रावधान था. अब यह संख्या बढ़ाकर 2,820 कर दी गई है. यानी पहले के मुकाबले दोगुने विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने का रास्ता साफ हुआ है. इसके अलावा, प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय और कृषि संस्थान में छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों की निर्धारित संख्या 45 से बढ़ाकर 90 कर दी गई है. इससे अधिक विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने में मदद मिल सकती है.