एग्रीवेट: Vegetable Farming Subsidy: बिहार में सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है. राज्य में रबी प्याज और हाइब्रिड सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के साथ प्याज को सुरक्षित रखने के लिए भी अनुदान दिया जा रहा है. इस योजना के तहत किसान प्याज की खेती के लिए 20,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक और टमाटर, मिर्च व पत्तागोभी जैसी हाइब्रिड सब्जियों के लिए 24,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की मदद पा सकते हैं. वहीं, प्याज रखने के लिए 50 मीट्रिक टन क्षमता का भंडारण ढांचा बनाने पर 4.50 लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान है.
बिहार में रबी सीजन के दौरान प्याज की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये तक अनुदान मिल सकता है. इससे किसानों को प्याज की खेती पर होने वाले खर्च में राहत मिलेगी. प्याज की बुवाई से लेकर फसल तैयार करने तक कई तरह के खर्च होते हैं. ऐसे में सरकारी मदद किसानों के लिए उपयोगी हो सकती है.
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इस योजना में रबी प्याज की खेती के लिए कम से कम 0.10 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर तक के क्षेत्र को लाभ देने का प्रावधान है. हालांकि, अनुदान पाने के लिए किसानों को योजना की तय शर्तों के मुताबिक आवेदन करना होगा.
प्याज के अलावा हाइब्रिड सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी आर्थिक मदद दी जाएगी. टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी की खेती के लिए 24,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान मिल सकता है. इसका मकसद किसानों को सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है. किसान अपनी जमीन और खेती की योजना के हिसाब से इन फसलों का चुनाव कर सकते हैं. इन सब्जियों की खेती के लिए भी 0.10 से 2 हेक्टेयर तक के क्षेत्र पर लाभ देने का प्रावधान है.
सब्जी की खेती और प्याज भंडारण पर पाएँ ₹4.50 लाख तक अनुदान!
किसानों को सब्जी उत्पादन और प्याज के बेहतर भंडारण के लिए अनुदान का लाभ मिल सकता है।
* रबी प्याज: ₹20,000 प्रति हेक्टेयर तक अनुदान।
* हाइब्रिड सब्जियाँ: टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी की खेती के लिए ₹24,000 प्रति हेक्टेयर तक अनुदान।
* प्याज भंडारण: 50 MT क्षमता की संरचना के लिए ₹4.50 लाख तक अनुदान।
रबी प्याज और हाइब्रिड सब्जियों की खेती के लिए 0.10 से 2 हेक्टेयर तक लाभ का प्रावधान है। सभी श्रेणियों में महिला किसानों को 30% प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि प्याज भंडारण का लाभ प्रति किसान परिवार एक इकाई तक मिलेगा।
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अक्सर किसानों को प्याज की फसल तैयार होने के बाद उसे सुरक्षित रखने की परेशानी होती है. सही भंडारण की व्यवस्था नहीं होने पर प्याज खराब हो सकता है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है. इसी समस्या को कम करने के लिए प्याज भंडारण ढांचा बनाने पर अनुदान दिया जाएगा. योजना के तहत 50 मीट्रिक टन क्षमता वाला प्याज भंडारण ढांचा बनाने के लिए 4.50 लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान है. ध्यान देने वाली बात यह है कि इस सुविधा का लाभ एक किसान परिवार को केवल एक इकाई के लिए मिलेगा.
इस योजना की खास बात यह है कि, सभी श्रेणियों में महिला किसानों को 30 प्रतिशत प्राथमिकता देने का प्रावधान है. इससे खेती और सब्जी उत्पादन से जुड़ी महिलाओं को भी आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है. हालांकि, अनुदान की अंतिम राशि और पात्रता योजना के नियमों पर निर्भर करेगी. इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित कृषि या उद्यान विभाग से जानकारी जरूर ले लें.
किसान रबी प्याज, हाइब्रिड सब्जियों और प्याज भंडारण से जुड़ी सहायता के लिए आवेदन करने से पहले अपने जिले के उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं. वहां से आवेदन की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, पात्रता और आवेदन की समयसीमा की जानकारी मिल सकती है.