एग्रीटेक में भारत का दबदबा, 2.1 अरब डॉलर निवेश.. 17 बाजारों में सबसे ज्यादा फंडिंग—जानें पूरा मामला – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: भारत एग्रीटेक यानी कृषि तकनीक के क्षेत्र में उभरते बाजारों में तेजी से आगे बढ़ रहा है. AgBase, Briter और ISF Advisors की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 से सितंबर 2025 तक 17 बाजारों में एग्री-फूड सेक्टर में 4.39 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश हुआ. इसमें भारत की हिस्सेदारी 2.1 अरब डॉलर रही, जो सभी 17 बाजारों में सबसे ज्यादा है. रिपोर्ट ने भारत को प्रमुख ‘कमर्शियल फ्रंट-रनर्स’ देशों में शामिल किया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, अध्ययन किए गए क्षेत्रों में दक्षिण एशिया एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां एग्री-फूड कंपनियों  के लिए निवेश से बाहर निकलने के कई रास्ते मौजूद हैं. इनमें बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण, प्राइवेट इक्विटी सौदे, स्टार्टअप अधिग्रहण और शेयर बाजार में लिस्टिंग शामिल हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि एग्रो-फूड सेक्टर में खेत से जुड़े कारोबार, खेती के बाद की गतिविधियों और रिटेल-तीनों स्तरों पर कंपनियां निवेश हासिल कर रही हैं. इससे पता चलता है कि कृषि क्षेत्र से जुड़े अलग-अलग तरह के कारोबार बड़े स्तर पर पहुंच सकते हैं और निवेशकों को रिटर्न हासिल करने का रास्ता दे सकते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, उभरते बाजारों में दक्षिण एशिया ऐसा क्षेत्र है जहां एग्री-फूड कंपनियों के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग भी निवेश से बाहर निकलने का एक रास्ता है. यह क्षेत्र के मजबूत पूंजी बाजार और बड़ी कंपनियों को निवेश हासिल करने की क्षमता को दिखाता है. रिपोर्ट में एग्री-बायोटेक को निवेश की संभावनाओं वाला प्रमुख क्षेत्र बताया गया है. इस क्षेत्र में निवेश की सफलता काफी हद तक व्यावसायिक खेती, खरीदारों और बाजार तक पहुंच पर निर्भर करती है. फिलहाल जैविक कृषि उत्पादों के कारोबार को बढ़ाने और निवेश से बाहर निकलने के मामले में लैटिन अमेरिका आगे है. वहीं, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में भी इस क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बढ़ रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में एग्री-फूड सेक्टर की अगली पीढ़ी की निवेश योग्य कंपनियां सिर्फ डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं रहेंगी. एग्री-बायोटेक, कृषि इनपुट, एआई आधारित उपकरण, ड्रोन, रोबोटिक्स और खेती की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी तकनीक में नई कंपनियों के उभरने की संभावना है. इन तकनीकों का इस्तेमाल खेती को अधिक प्रभावी बनाने और उत्पादन से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को हल करने में किया जा सकता है.

Omnivore के मैनेजिंग पार्टनर मार्क कान ने कहा कि उभरते बाजारों में अगली पीढ़ी की एग्री-फूड कंपनियां तैयार करने की बड़ी संभावना है. हालांकि, एक देश में सफल मॉडल दूसरे देश में भी काम करे, यह जरूरी नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़ा कृषि बाजार, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्यमियों की बड़ी संख्या, घरेलू निवेश की बढ़ती उपलब्धता और कंपनियों के लिए निवेश से बाहर निकलने के कई रास्ते हैं. सरकार की नीतियों से भी इस क्षेत्र को समर्थन मिल रहा है. इससे कृषि-खाद्य कारोबार को शुरुआती प्रयोग से बड़े स्तर के कारोबार में बदलने में मदद मिल सकती है.

बयान के मुताबिक, पिछले एक दशक में एग्री-फूड सेक्टर में तेजी और गिरावट का दौर देखने को मिला. अब यह क्षेत्र ज्यादा व्यवस्थित और कारोबार आधारित विकास की ओर बढ़ रहा है. भारत में घरेलू पूंजी, कृषि बाजार, डिजिटल ढांचा और अलग-अलग तरह के कारोबारी मॉडल इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. आने वाले समय में अवसर सिर्फ डिजिटल कृषि तक सीमित नहीं रहेंगे. डीप-टेक, कृषि वित्त, सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर फूड कारोबार में भी नई कंपनियों और निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं.

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