एग्रीवेट: Aaj Ka Mausam: देश के कई हिस्सों में मॉनसून की विदाई से पहले मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, आज यानी मंगलवार 29 सितंबर को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है. तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर रह सकता है. IMD ने दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 29 सितंबर के लिए बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-बिजली की चेतावनी दी है.
इन राज्यों में जमकर बरसेंगे बादल
29 सितंबर को पूर्वोत्तर भारत के भी कई हिस्सों में मौसम खराब रहने का अनुमान है. असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. मिजोरम के लिए IMD ने 29 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है. IMD के 28 सितंबर के अपडेट में इन इलाकों के लिए 29 सितंबर को भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है.
यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश के आसार
29 सितंबर को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है. बिहार और मध्य प्रदेश में भी बारिश के आसार बने हुए हैं. राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में कुछ जगह बारिश और गरज-चमक हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम ज्यादातर सूखा रहने का अनुमान है. हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में भी कुछ जगह बारिश और गरज-चमक की संभावना है. हालांकि, 30 सितंबर से हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है.
बारिश के साथ कई इलाकों में तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं. मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु-पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. वहीं आंध्र प्रदेश, केरल, आंतरिक कर्नाटक, कोंकण-गोवा और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है.
बंगाल की खाड़ी में बढ़ी हलचल
मौसम का असर सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं रहेगा. बंगाल की खाड़ी में भी मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं. IMD के समुद्री बुलेटिन के मुताबिक, 27 सितंबर को दक्षिणी म्यांमार और आसपास के इलाके में बना निम्न दबाव क्षेत्र उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ा था और आगे म्यांमार-बांग्लादेश तट की तरफ बढ़ने की संभावना जताई गई थी. 29 सितंबर को उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने की स्थिति बन सकती है. हवाओं की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों के दौरान यह 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है.
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
तेज हवाओं और ऊंची लहरों को देखते हुए समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए विशेष सावधानी जरूरी है. खराब समुद्री मौसम के दौरान छोटी नावों के लिए खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में मछुआरों को मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान देने और जोखिम वाले समुद्री इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.