एग्रीवेट: Livestock Insurance Portal: पशुओं का बीमा कराने और बीमा से जुड़े दावे की प्रक्रिया अब डिजिटल होने जा रही है. केंद्र सरकार 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में नया पशुधन बीमा पोर्टल लॉन्च करेगी. इस पोर्टल पर पशुपालकों को बीमा पॉलिसी, बीमा दावा और योजना से जुड़ी जरूरी जानकारी एक ही जगह मिल सकेगी. पोर्टल की शुरुआत केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (Rajiv Ranjan Singh) उर्फ ललन सिंह करेंगे. सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य पशुधन बीमा की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है.
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, इस पोर्टल को पशुधन बीमा के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है. यानी पशुपालकों को बीमा से जुड़ी अलग-अलग जानकारी और प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग जगह जाने की जरूरत कम होगी. पोर्टल के माध्यम से पशुधन बीमा योजना के तहत बीमा पॉलिसी जारी करने, बीमा दावे की प्रक्रिया, निगरानी और रिपोर्ट तैयार करने जैसे काम किए जा सकेंगे. इससे बीमा से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को एक डिजिटल व्यवस्था के जरिए संचालित करने में मदद मिलेगी.
पशुधन बीमा पोर्टल की खास बात इसकी बहुभाषी सुविधा होगी. पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी के साथ 11 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा. इससे अलग-अलग राज्यों में रहने वाले पशुपालक अपनी सुविधा की भाषा में बीमा से जुड़ी जानकारी और सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे. क्षेत्रीय भाषाओं में सेवा मिलने से उन पशुपालकों के लिए भी डिजिटल बीमा व्यवस्था को समझना आसान होगा, जिन्हें अंग्रेजी या तकनीकी भाषा में जानकारी लेने में परेशानी होती है. इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों तक ऑनलाइन बीमा सेवाओं की पहुंच बनाना है.
किसानों और पशुपालकों की आय में पशुधन की बड़ी भूमिका होती है. ऐसे में किसी पशु की बीमारी, दुर्घटना या अन्य कारणों से मौत या नुकसान होने पर परिवार की आमदनी प्रभावित हो सकती है. पशुधन बीमा ऐसी स्थिति में आर्थिक जोखिम को कम करने में मदद करता है. सरकार के अनुसार, नया पोर्टल पशुधन बीमा सेवाओं को आसान, पारदर्शी और तेज बनाने में मदद करेगा. डिजिटल व्यवस्था के जरिए पशुपालकों तक तकनीक आधारित सेवाएं पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है. इससे बीमा से जुड़ी जानकारी और प्रक्रिया को समझना तथा उसका इस्तेमाल करना आसान हो सकता है.
पोर्टल का इस्तेमाल सिर्फ बीमा पॉलिसी और दावे तक सीमित नहीं रहेगा. इसके जरिए पशुधन बीमा योजनाओं की रियल टाइम निगरानी और आंकड़ों के आधार पर प्रबंधन किया जा सकेगा. इससे योजनाओं से जुड़ी जानकारी को बेहतर तरीके से देखा और समझा जा सकेगा. सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से केंद्र और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी. साथ ही, बीमा सेवाओं की निगरानी और उन्हें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया मजबूत होगी. इससे देशभर में पशुधन बीमा योजनाओं के संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.