एग्रीवेट: धान की कटाई का सीजन शुरू होने से पहले हरियाणा के यमुनानगर जिला प्रशासन ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने की तैयारी तेज कर दी है. प्रशासन ने रादौर, सरस्वती नगर, व्यासपुर और जगाधरी ब्लॉक को ‘विशेष निगरानी क्षेत्र’ घोषित किया है. इन इलाकों में पिछले धान कटाई सीजन के दौरान पराली जलाने की घटनाएं सामने आई थीं. प्रशासन के मुताबिक, पिछले साल जिले में पराली जलाने के 7 मामले दर्ज किए गए थे. प्रशासन अब इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएगा, ताकि धान की कटाई के दौरान किसान पराली न जलाएं और आग की घटनाओं पर समय रहते रोक लगाई जा सके.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए गांव से लेकर जिला स्तर तक निगरानी और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था बनाई गई है. इसके तहत हर 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है. नोडल अधिकारी नियमित रूप से खेतों का दौरा करेंगे और किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक करेंगे. इसके साथ ही वे धान की कटाई और पराली के प्रबंधन पर भी नजर रखेंगे. प्रशासन का फोकस फसल कटाई के दौरान पराली जलाने की घटनाओं को समय रहते रोकने और किसानों को इसके सही प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करने पर है.
पराली जलाने की आशंका होने पर नोडल अधिकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देंगे, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके. प्रशासन ने निगरानी के लिए गांव स्तर पर समितियां भी बनाई हैं. इन समितियों में कृषि, राजस्व और पंचायती राज विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे. ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक कृषि अधिकारी निगरानी व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे. वहीं, उपमंडल स्तर पर एसडीएम या उनके द्वारा नियुक्त अधिकारी निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे. जिला स्तर पर कृषि, राजस्व, विकास और पंचायत विभाग के अधिकारी मिलकर पूरी व्यवस्था की निगरानी करेंगे.
यमुनानगर की उपायुक्त प्रीति ने कहा कि पराली जलाने की सूचना मिलते ही टीमें मौके पर पहुंचकर इसकी जांच करेंगी. नियमों के मुताबिक जरूरी कार्रवाई भी की जाएगी. प्रशासन ने गांव से लेकर जिला स्तर तक त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था की है. उपायुक्त ने कहा कि नोडल अधिकारी रोजाना अपनी रिपोर्ट देंगे. संबंधित एसडीएम इन रिपोर्टों की समीक्षा करेंगे. इसके बाद सभी रिपोर्टों को मिलाकर जिला प्रशासन को भेजा जाएगा.
अधिकारी खेतों का दौरा कर धान की कटाई और पराली के प्रबंधन पर भी नजर रखेंगे. आग लगने की किसी भी आशंका की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी. वहीं, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और कर्मचारी भी प्रशासन की मदद करेंगे. वे खेतों का निरीक्षण करने, पराली जलाने की घटनाओं की जांच और जरूरी कार्रवाई में सहयोग करेंगे.
रादौर, सरस्वती नगर, व्यासपुर और जगाधरी को विशेष निगरानी क्षेत्र बनाया गया है. इन इलाकों में एसडीएम, कृषि, राजस्व, पंचायती राज और पुलिस विभाग के अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के साथ मिलकर निगरानी करेंगे. उपायुक्त प्रीति ने किसानों से फसल अवशेष नहीं जलाने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसान पराली प्रबंधन के लिए तय तरीकों को अपनाएं. इससे प्रदूषण कम करने के साथ मिट्टी की सेहत भी सुरक्षित रहेगी.