एग्रीवेट: 26 सितंबर 2026, लखनऊ: छोटे किसानों को अब 6 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा 10 लाख तक का कृषि ऋण – उत्तर प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों को खेती और उससे जुड़ी जरूरतों के लिए कम ब्याज दर पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। योजना के तहत किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी गई है। पात्र किसानों को 6 लाख रुपए से लेकर अधिकतम 10 लाख रुपए तक का दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता था। अब किसानों पर ब्याज का बोझ कम करने के लिए नई योजना के तहत यह दर घटाकर 6 प्रतिशत कर दी गई है।
योजना में दीर्घकालीन ऋण की व्यवस्था की गई है, जिसके अंतर्गत पात्र किसानों को 6 से 10 लाख रुपए तक की ऋण सुविधा मिल सकेगी। सरकार ने आगामी वर्षों में प्रदेश के पांच लाख लघु एवं सीमांत किसानों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।खेती के लिए आर्थिक सहायता पर जोर
योजना का उद्देश्य किसानों को खेती से संबंधित आवश्यकताओं के लिए अपेक्षाकृत कम ब्याज पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। इससे किसानों को अधिक ब्याज वाले ऋण पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। योजना को उत्तर प्रदेश की सहकारी ऋण व्यवस्था से जोड़ा गया है।
सहकारिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर ने कहा कि योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
योजना के लिए डिजिटल प्रक्रिया अपनाई गई है। किसान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन: किसान योजना के आधिकारिक ई-पोर्टल mksyldb.in पर जाकर आधार नंबर और मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
ऑफलाइन आवेदन: किसान नजदीकी उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की शाखा से आवेदन पत्र प्राप्त कर उसे जमा कर सकते हैं।
आधार कार्डखसरा-खतौनी अथवा किसान बही की प्रतिनिवास प्रमाण पत्र अथवा राशन कार्डबैंक पासबुक की छायाप्रति, जिसमें आईएफएससी कोड होनवीनतम पासपोर्ट साइज फोटोमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसान खुशहाल और समृद्ध होगा तो देश भी खुशहाल और समृद्ध होगा। उन्होंने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के माध्यम से सरकार ने कम ब्याज दर पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराने के साथ छोटे और सीमांत किसानों की वित्तीय जरूरतों को सहकारी व्यवस्था के जरिए पूरा करने पर जोर दिया है।