एग्रीवेट: मुख्यमंत्री Yogi News: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बुधवार को बड़ी खबर सामने आई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का ई-पोर्टल लॉन्च कर दिया. इसके साथ ही प्रदेश में भारत टैक्सी सेवा की भी शुरुआत की गई. कृषक समृद्धि योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े कामों के लिए 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कर्ज 6 प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर पर मिल सकेगा. योजना के लिए 384 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर की गई है.
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना (Krishak Samriddhi Yojana Uttar Pradesh) का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलने वाला सस्ता कृषि लोन है. अभी उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक से कृषि लोन करीब 11 से 11.50 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलता है. नई योजना में पात्र छोटे और सीमांत किसानों को अधिकतम 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कर्ज 6 प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर पर मिल सकेगा. इस लोन का इस्तेमाल खेती और उससे जुड़े ऐसे कामों में किया जा सकेगा, जिनमें लंबे समय के लिए निवेश की जरूरत होती है. मसलन सिंचाई की व्यवस्था, कृषि से जुड़ी परिसंपत्तियां और दूसरे जरूरी कृषि निवेश. योजना के तहत समय पर लोन चुकाने वाले पुराने कर्जदारों को भी ब्याज अनुदान का लाभ देने का प्रावधान है.
सरकार ने इस योजना को बड़े स्तर पर लागू करने का लक्ष्य रखा है. अगले पांच सालों में करीब 5 लाख किसानों को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना से जोड़ने की तैयारी है. कर्ज की मंजूरी की प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल (mksyldb.in) के जरिए की जाएगी, जिससे किसानों को आवेदन और लोन से जुड़ी जानकारी हासिल करने में आसानी होगी. मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों को लोन मंजूरी के प्रमाण पत्र भी दिए. इसके साथ ही कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल के अलावा सहकारिता विभाग के उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर का मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया.
इसी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी सेवा की भी शुरुआत की गई. यह सहकारी मॉडल पर आधारित कैब सेवा है, जिसका मकसद यात्रियों के साथ-साथ टैक्सी चालकों को भी ज्यादा भागीदारी देना है. सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, भारत टैक्सी को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंचाने की योजना है. उत्तर प्रदेश में इस सेवा से करीब 50 हजार टैक्सी चालक जुड़े हैं, जिनमें करीब 40 हजार लखनऊ से हैं. इस मॉडल में चालकों को कंपनी के कामकाज में हिस्सेदारी देने की व्यवस्था है. उन्हें शेयर प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे.
भारत टैक्सी से जुड़े चालकों को 5 लाख रुपये के बीमा का लाभ देने की जानकारी दी गई है. वहीं, चालकों से सामान्य कैब ऐप की तरह कमीशन नहीं लेने की व्यवस्था बताई गई है. भारत टैक्सी के इस सहकारी मॉडल में चालक सिर्फ सेवा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि कारोबार में हिस्सेदार भी बन सकता है. इसके अलावा भारत टैक्सी के साथ एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल और लखनऊ पुलिस के बीच भी समझौते किए जाने हैं. इससे यात्रियों के लिए एयरपोर्ट, मेट्रो और शहर के दूसरे हिस्सों के बीच कैब सेवा को बेहतर तरीके से जोड़ने की कोशिश की जाएगी.
इस तरह मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना से जहां छोटे और सीमांत किसानों को कम ब्याज पर लंबी अवधि का कर्ज मिलने का रास्ता खुला है, वहीं भारत टैक्सी सेवा से टैक्सी चालकों के लिए सहकारी मॉडल पर काम करने का विकल्प सामने आया है.