एग्रीवेट: Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में वेयरहाउस से सब्सिडी की राशि जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग पर बड़ी कार्रवाई हुई है. शिकायत सामने आने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए. अधिकारी पर दो अलग-अलग वेयरहाउस संचालकों से कुल 1.60 लाख रुपये की कथित रिश्वत मांगने का आरोप है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामला मध्य प्रदेश के सीहोर जिले का है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग निरीक्षण के लिए जिले में पहुंचे थे. इसी दौरान वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी की राशि जारी करने के बदले कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई. इस संबंध में शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंची, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई. शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गया कि अधिकारी ने वेयरहाउस को मिलने वाली सब्सिडी की राशि जारी कराने के एवज में रकम की मांग की थी. मामले में सामने आई शिकायतों के आधार पर तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया गया.
शिकायत के अनुसार, अधिकारी ने सीहोर के शिवाय वेयरहाउस से 1 लाख रुपये की मांग की थी. वहीं, श्री कृष्णा वेयरहाउस से 60 हजार रुपये मांगे जाने का आरोप है. दोनों मामलों में कथित तौर पर सब्सिडी की राशि जारी करने को रिश्वत की मांग से जोड़ा गया है. इस तरह दोनों वेयरहाउस से कुल 1 लाख 60 हजार रुपये की कथित मांग का मामला सामने आया. शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई.
मामले की शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान में आने के बाद अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई. कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इस कार्रवाई के जरिए मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि सरकारी योजनाओं और सब्सिडी से जुड़ी प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता या रिश्वतखोरी की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा.
फिलहाल अधिकारी पर लगे आरोप शिकायत और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं. मामले में विभागीय जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि रिश्वत की कथित मांग किन परिस्थितियों में की गई और इसमें कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं. जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है. वेयरहाउस को सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कृषि क्षेत्र से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले किसानों और संस्थानों के लिए समय पर और बिना किसी अनियमितता के सहायता राशि जारी होना अहम है. ऐसे में विभागीय कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच और उसके निष्कर्षों पर नजर रहेगी.