एग्रीवेट: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को विदर्भ क्षेत्र के वाशिम जिले के कई गांवों का दौरा किया और सूखा प्रभावित फसलों का जायजा लिया. इस दौरान नाराज किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के साथ ही फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा जारी करने की मांग की. किसानों ने कहा कि फसलों चौपट होने पर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और खेतिहर मजदूरों को 25 हजार रुपये दिए जाएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के नुकसान की भरपाई की जाएगी. नुकसान आकलन किया जा रहा है और सर्वे रिपोर्ट मिलते ही किसानों को राहत राशि जारी की जाएगी.
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में गुरुवार को किसानों ने नारेबाजी की और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दौरे के दौरान सरकार से इस इलाके को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की. मुख्यमंत्री गुरुवार को राज्य के विदर्भ क्षेत्र में वाशिम और अमरावती जिलों का दौरा किया, ताकि कम बारिश से प्रभावित फसलों का जायजा ले सकें. वे सोयाबीन, अरहर और कपास की फसलों का निरीक्षण किया और प्रभावित किसानों से मुलाकात की. इस दौरान नाराज किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी की.
सीएम ने किसानों से बातकर मुआवजे का भरोसा दिया.
अरहर, सोयाबीन समेत अन्य फसलें चौपट होने पर नाराज किसानों ने मुख्यमंत्री से विदर्भ इलाके के सभी जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर तत्काल राहत पैकेज जारी करने की मांग की. सूखा घोषित करने की आधिकारिक मांग करते हुए किसानों ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाएं और मदद तुरंत शुरू की जाए. विरोध करने वाले किसानों के समूह को NCP (SP) के रोहित पवार और शिवसेना (UBT) के नेताओं का समर्थन मिला है.
किसानों ने मुख्यमंत्री से कहा कि सूखा प्रभावित किसानों के लिए 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और स्थानीय खेतिहर मजदूर परिवारों के लिए 25,000 रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए. इसके साथ ही प्रदर्शनकारी फसल ऋण पूरी तरह माफ करने, सिंचाई के लिए बिना रुकावट बिजली की व्यवस्था करने और पीने के पानी व पशुओं के चारे की बढ़ती कमी से निपटने के लिए तुरंत उपाय करने की मांग की