धान खरीद के लिए पंजाब को आरबीआई से 50,337 करोड़ की मंजूरी, 1 अक्टूबर से शुरू होगी खरीद—पढ़ें इनसाइड स्टोरी – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: पंजाब में 1 अक्टूबर से धान की खरीदी शुरू होने वाली है. इसके लिए प्रदेश में 1,832 क्रय केंद्र खोले गए हैं. इन क्रय केंद्रों पर धान खरीदी के लिए सारी तैयारी कर ली गई है. इसी बीच खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने धान खरीद के लिए 50,337.68 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इसमें से अक्टूबर में होने वाली खरीद के लिए 42,786.68 करोड़ रुपये राज्य सरकार के खातों में पहुंच चुके हैं. बाकी 7,550 करोड़ रुपये नवंबर में जारी किए जाने हैं.

मंत्री ने कहा है कि धान की पैकिंग के लिए 5 लाख से ज्यादा जूट के बोरे (बारदाने) भी तैयार किए गए हैं. सरकार का कहना है कि 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली धान खरीद के लिए जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं. ऐसे पंजाब में इस साल करीब 32.7 लाख हेक्टेयर में धान की खेती हुई है. कृषि विभाग को उम्मीद है कि राज्य में धान का कुल उत्पादन 210 लाख टन से ज्यादा रह सकता है. ऐसे में खरीद के साथ फसल के भंडारण और उठान की चुनौती भी बढ़ सकती है.

राज्य सरकार को इस सीजन धान की बंपर पैदावार की उम्मीद है. सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है. ग्रेड-ए धान का MSP 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय है. धान की आवक संभालने के लिए राज्यभर में 1,887 मंडियों को अधिसूचित किया गया है. जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त खरीद केंद्र भी शुरू किए जाएंगे, ताकि किसानों को फसल बेचने में परेशानी न हो.

वहीं, जिला अधिकारियों को मंडियों और खरीद केंद्रों पर साफ पीने के पानी और जरूरी मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों से खरीद प्रक्रिया पर नजर रखने और दूसरे राज्यों से धान की अवैध आवक रोकने के लिए भी कहा गया है. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि वह खुद मंडियों का दौरा कर खरीद व्यवस्था की निगरानी करेंगे. उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों के हितों का ध्यान रखा जाएगा. इस बीच, खरीफ सीजन 2026 में पंजाब में डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (DSR) तकनीक से धान की खेती का रकबा 36 फीसदी बढ़ा है. इस साल DSR के तहत 4 लाख एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में धान लगाया गया है, जबकि पिछले साल यह रकबा 2.94 लाख एकड़ था.

पंजाब राइस इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर पुराने खाद्यान्न स्टॉक को जल्द नहीं हटाया गया तो मंडियों और राइस मिलों में कामकाज प्रभावित हो सकता है. इससे धान की खरीद और मिलिंग में भी दिक्कत आ सकती है. एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण बिंटा ने कहा कि राइस मिलर्स करीब 180 लाख टन नई धान की फसल संभालने के लिए तैयार हैं. हालांकि, सबसे बड़ी चिंता यह है कि मिलिंग के बाद तैयार होने वाले चावल को रखने के लिए पर्याप्त जगह कहां से मिलेगी और उसे FCI तक कैसे पहुंचाया जाएगा.

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