MSP से कम भाव मिला तो पैसा देगी सरकार, भावांतर योजना फिर से लागू.. पंजीयन कल से होंगे – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: किसानों को अपनी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम भाव मिलने की स्थिति में अंतर वाली राशि का भुगतान सरकार करेगी. मध्य प्रदेश सरकार ने सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना फिर से लागू कर दी है. किसानों के रजिस्ट्रेशन 3 अक्टूबर से शुरू होंगे और 17 अक्टूबर तक उन्हें मौका मिलेगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसानों को उनकी उपज के लिए तय भाव से कम का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी सोयाबीन उत्पादक किसानों से उपार्जन के लिए अपना पंजीयन जरूर कराने का आग्रह किया है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में कहा है कि किसानों का समग्र कल्याण ही हमारा संकल्प है. हमारी सरकार इसके लिए सभी प्रबंध कर रही है. इसीलिए हम फिर से भावांतर भुगतान योजना को लागू कर रहे हैं. योजना के तहत सोयाबीन की सरकारी खरीद के लिए 3 अक्टूबर से किसानों के पंजीयन शुरू किए जा रहे हैं. किसानों का पंजीयन 17 अक्टूबर तक जारी रहेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बाजार में कम भाव मिलने की स्थिति में सरकार उस अंतर राशि का भुगतान करेगी. प्रदेश के सभी सोयाबीन उत्पादक किसानों से उपार्जन के लिए अपना पंजीयन अवश्य करा लेने का आग्रह किया है.

किसानों को भावांतर भुगतान योजना का लाभ लेने के लिए अपना पंजीयन कराने के लिए निर्धारित पंजीयन केंद्रों के साथ ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर निशुल्क पंजीयन करा सकेंगे. इसके अलावा ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर भी पंजीयन की सुविधा दी गई है. इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन एमपी ऑनलाइन और साइबर कैफे पर अधिकतम 50 रुपये शुल्क देकर कराए जा सकते हैं. इसके साथ ही सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर भी पंजीयन की सुविधा रहेगी.

भावांतर योजना के तहत सोयाबीन किसानों के लिए पंजीयन.

किसानों को आधार, भूमि संबंधी दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी देना होगी. आधार नंबर का ओटीपी या बायोमेट्रिक वेरीफिकेश भी जरूरी है. किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज और किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का परीक्षण कर उनका रिकॉर्ड रखा जाना जरूरी होगा. सिकमी/बटाईदार/कोटवार और वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी. इस श्रेणी के किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा.

बिक्री उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा. किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या होने पर किसान की ओर से पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा. किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी. पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें.

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