खेती को लेकर सरकार का बड़ा प्लान, हर किसान तक KCC पहुंचाने पर जोर.. बनेगा नया रोडमैप—जानें पूरा मामला – एग्रीवेट

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एग्रीवेट: Kisan Credit Card: किसानों की आय बढ़ाने और खेती को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दे रही है. दक्षिणी राज्यों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर किसान तक किसान क्रेडिट कार्ड पहुंचाने से लेकर स्थानीय मौसम और मिट्टी के हिसाब से खेती का रोडमैप तैयार करने की जरूरत है. उन्होंने राज्यों को केंद्र के साथ मिलकर काम करने और किसानों के लिए कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शुरुआत में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थी किसानों को KCC से जोड़ा जा सकता है. इससे किसानों को खेती के लिए आसान ब्याज दर पर कर्ज मिलने में मदद मिलेगी.

कृषि मंत्री ने कहा कि किसान और जमीन राज्यों के विषय हैं, इसलिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों को पूरी ताकत के साथ सहयोग करेगी. KCC किसानों के लिए खेती से जुड़े खर्च पूरे करने का एक अहम जरिया है. इसके जरिए किसान बीज, खाद, कीटनाशक और दूसरी कृषि जरूरतों के लिए कर्ज ले सकते हैं. ऐसे में ज्यादा से ज्यादा किसानों को KCC के दायरे में लाने पर सरकार का जोर है.

शिवराज ने कहा कि देश के सभी हिस्सों में खेती का तरीका और मौसम एक जैसा नहीं है. इसलिए हर राज्य की जरूरत के हिसाब से कृषि का अलग रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और दूसरे कृषि संस्थान राज्यों को इस काम में तकनीकी मदद देने के लिए तैयार हैं. इसका मकसद स्थानीय मौसम और मिट्टी के हिसाब से ऐसी फसलों और तकनीकों को बढ़ावा देना है, जिससे किसानों की कमाई बढ़ सके.

कृषि मंत्री ने दक्षिणी राज्यों में अल नीनो के असर का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इसका असर हर राज्य और जिले में एक जैसा नहीं होता. इसलिए जिले के हिसाब से पहले से तैयारी और आकस्मिक योजनाएं बनाना जरूरी है. कम पानी वाले इलाकों में ऐसी फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा, जिनमें सिंचाई की जरूरत कम होती है. केंद्र सरकार राज्यों को अच्छे बीज उपलब्ध कराने और फसल के हिसाब से जरूरी सहायता देने में भी सहयोग करेगी.

शिवराज ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सरकार के सामने तीन बड़े लक्ष्य हैं. इनमें देश की खाद्य जरूरत पूरी करना, किसानों की आमदनी बढ़ाना और लोगों के लिए पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है. इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने पर काम करने की जरूरत है. इसके साथ फसल बीमा, फसल विविधीकरण और मिट्टी की सेहत पर भी ध्यान दिया जाएगा.

शिवराज ने बताया कि केंद्र सरकार अरहर, मसूर और उड़द की खरीद सुनिश्चित करने पर काम कर रही है. दूसरी फसलों की खरीद के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान यानी प्रधानमंत्री-AASHA के तहत व्यवस्था की जाती है. इसके अलावा नारियल की खेती और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना लागू करने की बात भी कृषि मंत्री ने कही. सरकार का जोर खेती में विविधता बढ़ाने और किसानों को ऐसी फसलों से जोड़ने पर है, जिनसे उनकी आय के नए रास्ते खुल सकें. कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से ही खेती से जुड़ी चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है. इसी दिशा में दक्षिणी राज्यों के कृषि मंत्रियों का यह सम्मेलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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