गन्ने के दाम से लेकर बकाया भुगतान तक.. मंथन के लिए 21 अक्टूबर को किसानों की महापंचायत बुलाई – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: BKU Mahapanchayat: महंगाई बढ़ने के साथ खेती का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है. खाद, बीज, डीजल और मजदूरी पर किसानों को पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. ऐसे में फसलों का सही दाम मिलना किसानों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है. इसी मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन (BKU) 21 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश में महापंचायत करने जा रही है.

इस बैठक में गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने, चीनी मिलों पर बकाया भुगतान दिलाने और जमीन अधिग्रहण का उचित मुआवजा देने जैसी मांगें उठाई जाएंगी. भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत भी इस महापंचायत में शामिल होंगे.

भारतीय किसान यूनियन की यह महापंचायत 21 अक्टूबर को बिजनौर के नुमाइश मैदान में आयोजित होगी. संगठन के जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान ने सोमवार, 19 अक्टूबर को गन्ना समिति के सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि, महंगाई को देखते हुए किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिलना जरूरी है. सुनील प्रधान ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में महापंचायत में पहुंचें और अपनी समस्याओं को सामने रखें. इस बैठक में गन्ने के दाम से लेकर किसानों के बकाया पैसे और जमीन से जुड़े मामलों पर चर्चा की जाएगी.

महापंचायत में किसानों की सबसे अहम मांग गन्ने का भाव बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की होगी. किसानों का कहना है कि, खेती में लागत लगातार बढ़ रही है. ऐसे में अगर फसल का दाम नहीं बढ़ता, तो उनके लिए खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है. इसके साथ ही चीनी मिलों पर किसानों का जो गन्ना भुगतान बाकी है, उसे जल्द दिलाने का मुद्दा भी उठाया जाएगा. किसानों के लिए समय पर भुगतान मिलना जरूरी है, क्योंकि इसी पैसे से वे अगली फसल की तैयारी करते हैं और घर के दूसरे खर्च भी पूरे करते हैं.

महापंचायत में उन किसानों की समस्या भी उठाई जाएगी, जिनकी जमीन हाईवे निर्माण और औद्योगिक गलियारे के लिए अधिग्रहित की गई है. भाकियू की मांग है कि ऐसे किसानों को जमीन के बदले उचित मुआवजा मिले. जमीन चली जाने के बाद कई किसानों की खेती और कमाई दोनों पर असर पड़ता है, इसलिए मुआवजे की दर उनके लिए बड़ा मुद्दा है.

इसके अलावा, फसलों को नुकसान होने पर मिलने वाले मुआवजे पर भी चर्चा की जाएगी. किसानों का कहना है कि फसल खराब होने की स्थिति में उन्हें समय पर उचित मदद मिलनी चाहिए, ताकि नुकसान की भरपाई करने में कुछ राहत मिल सके.

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत भी बिजनौर की इस महापंचायत में शामिल होंगे. संगठन के नेताओं के मुताबिक, बैठक में किसानों से जुड़े दूसरे जरूरी मुद्दे भी उठाए जाएंगे. अब किसानों की नजर इस महापंचायत पर है कि इसमें उनकी मांगों को किस तरह सामने रखा जाता है और आगे इन मुद्दों पर क्या कदम उठाए जाते हैं.

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