वीबी जी रामजी योजना में भ्रष्टाचार के आरोप, क्लोन ऐप से फर्जी हाजिरी लगाकर पैसा हड़पने का मामला – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वीबी जी रामजी योजना (VB-G RAM G) में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं. कहा गया है कि महाराष्ट्र में मजदूरों के बिना काम किए ही हाजिरी लगाई गई और उन्हें बिना पता चले मजदूरी हड़प ली गई है. जबकि, उत्तर प्रदेश में क्लोन ऐप बनाकर मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है और जालसाजी करके सरकारी पैसा खाया जा रहा है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यह गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब सरकार ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी की ‘चोरी’ कर रही है.

कांग्रेस पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना को ग्रामीण भारत के सामाजिक सुरक्षा ढांचे पर सर्जिकल स्ट्राइक करार दिया और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र की वोट चोरी सरकार ने अब ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी की ‘चोरी’ में भी महारत हासिल कर ली है. उन्होंने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में योजना में भ्रष्टाचार और गड़बड़ियां पाई जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि .

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बीड और अन्य जिले एक दशक के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहे हैं और ऐसी विकट परिस्थितियों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ग्रामीण परिवारों के लिए सहायता की गारंटी हुआ करता था. लेकिन इसकी जगह वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) योजना लाना ग्रामीण भारत को सुरक्षा देने वाले सामाजिक सुरक्षा तंत्र पर सर्जिकल स्ट्राइक से कम नहीं है.

कांग्रेस नेता ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर की गई पड़ताल में पाया गया कि कई ग्रामीणों ने महीनों से काम नहीं किया था, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें काम करते हुए दिखाया गया. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय नेता कथित तौर पर मजदूरों के नाम पर दर्ज मजदूरी की रकम हड़प रहे हैं.

महाराष्ट्रातील बीडसह अनेक जिल्हे दशकातील सर्वात भीषण दुष्काळाचा सामना करत आहेत. अशा अत्यंत संकटाच्या काळात मनरेगा (MGNREGA) ही ग्रामीण जनतेला आधार देणारी आणि रोजगाराची हमी देणारी योजना होती. मात्र, तिची जागा VB-G RAM G योजनेने घेणे म्हणजे ग्रामीण भारताला संरक्षण देणाऱ्या सामाजिक सुरक्षा कवचावर केलेला थेट सर्जिकल स्ट्राइक आहे.

Scroll च्या एका पत्रकाराने केलेल्या सविस्तर क्षेत्रीय तपासणीत धक्कादायक वास्तव समोर आले आहे. अनेक गावकऱ्यांनी महिनोन्‌महिने काम केलेले नसतानाही, सरकारी नोंदींमध्ये त्यांनी काम केल्याचे दाखवले जात आहे. प्रत्यक्षात, त्यांच्या नावावर दाखवलेली मजुरी स्थानिक राजकीय नेते हडप करत आहेत आणि हे नेते सत्ताधारी पक्षाशी संबंधित असल्याचा आरोप आहे.

उत्तर प्रदेशसह भाजपशासित इतर राज्यांमध्येही बनावट हजेरी आणि क्लोन ॲपच्या माध्यमातून होणाऱ्या घोटाळ्यांचे पुरावे प्रसारमाध्यमांनी उघड केले आहेत.

हा केवळ भ्रष्टाचार नाही तर कष्टकरी मजुरांच्या हक्काच्या मजुरीची पद्धतशीर लूट आहे.

उन्होंने उत्तर प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित अन्य राज्यों में भी फर्जी हाजिरी और कथित ‘क्लोन ऐप’ के जरिये गड़बड़ी से संबंधित खबरें सामने आने का दावा किया. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि श्रमिकों की मजदूरी की ‘व्यवस्थित चोरी’ है. उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वोट चोरी सरकार ने ग्रामीण मजदूरी की चोरी में भी महारत हासिल कर ली है.

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