एग्रीवेट: उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के तहत किसानों को दिए जाने वाले उपहारों में बदलाव करने की तैयारी कर रही है. सरकार ने 43 इंच के LED टीवी की जगह चारा काटने वाली मशीनें देने का प्रस्ताव रखा है. इसका उद्देश्य किसानों को ऐसे उपहार देना है, जो खेती और उससे जुड़े कामों में उनके लिए ज्यादा उपयोगी हों. मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि योजना के तहत लकी ड्रॉ के जरिए दिए जाने वाले उपहारों की उपयोगिता की समीक्षा करने वाली समिति की सिफारिश पर यह बदलाव प्रस्तावित किया गया है. इस योजना के तहत उपहारों की सूची में LED टीवी को साल 2023 में शामिल किया गया था.
नई व्यवस्था के तहत 43 इंच के LED टीवी की जगह 3 हॉर्सपावर की चारा काटने वाली मशीन दी जाएगी. इसकी अनुमानित कीमत 30,000 रुपये है. इसे दूसरे पुरस्कार के रूप में रखा गया है और हर मंडल में तीन मशीनें दी जाएंगी. वहीं, पहला पुरस्कार पहले की तरह 8 हॉर्सपावर का पंपिंग सेट रहेगा, जिसकी कीमत 55,000 रुपये है. हर मंडल में दो पंपिंग सेट दिए जाएंगे. इसके अलावा, 5,000 रुपये की कीमत वाले पावर स्प्रेयर भी उपहारों की सूची में बने रहेंगे.
योजना के तहत उपहारों की अन्य श्रेणियों में भी बदलाव प्रस्तावित हैं. पहली श्रेणी में 35 हॉर्सपावर का ट्रैक्टर दिया जाएगा. दूसरी श्रेणी में पहले से तय उपकरणों की जगह 20 हॉर्सपावर से कम क्षमता वाले ट्रैक्टर दिए जाएंगे. तीसरी श्रेणी में पावर टिलर और रीपर जैसे कृषि उपकरणों की जगह 100 सीसी की मोटरसाइकिल देने का प्रस्ताव है. वहीं, चौथी श्रेणी में सोलर पावर पैक दिया जाएगा. समिति ने योजना के तहत उपहारों की खरीद और किसानों तक उन्हें पहुंचाने में आने वाली समस्याओं की भी समीक्षा की. इसके बाद मंडी परिषद को निर्देश दिया गया है कि छह महीने में होने वाले लकी ड्रॉ और बंपर ड्रॉ में दिए जाने वाले उपहारों की व्यवस्था में बदलाव किया जाए. इसमें इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि उपहार किसानों के लिए खेती और दूसरे कामों में उपयोगी हों.
इसके अलावा, मंडी परिषद किसानों को 4,400 प्लास्टिक क्रेट मुफ्त में देने की योजना बना रही है. इनका इस्तेमाल फलों और सब्जियों की तुड़ाई और ढुलाई के दौरान उनकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किया जाएगा. इनमें से 2,000 क्रेट श्रेणी-A की मंडियों, 1,000 श्रेणी-B, 800 श्रेणी-C और 600 श्रेणी-D की मंडियों के लिए रखे गए हैं. पात्र किसानों को चार-चार क्रेट दिए जाएंगे. मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत कृषि विश्वविद्यालयों, संस्थानों और कॉलेजों से स्नातक करने वाले विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति भी बढ़ाई गई है. इसे 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना की शुरुआत साल 2001 में हुई थी. फिलहाल यह योजना उत्तर प्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1964 के तहत चलाई जा रही है. इसके तहत राज्य की तय नई मंडियों में अपनी उपज बेचने वाले किसानों को एंट्री स्लिप और फॉर्म-6 के आधार पर 5,000 रुपये के कूपन दिए जाते हैं. इन कूपन के जरिए किसानों को मासिक, तिमाही और छमाही लकी ड्रॉ में पुरस्कार जीतने का मौका मिलता है. योजना के तहत पहला पुरस्कार ट्रैक्टर होता है. इसे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर वितरित किया जाता है. हालांकि, ट्रैक्टर का वितरण अक्सर दो साल में एक बार किया जाता है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को अपनी उपज राज्य की मंडियों में बेचने के लिए प्रोत्साहित करना है.