एग्रीवेट: त्योहारी सीजन में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर तेलंगाना तक सब्जियों के दाम बढ़ने से आम लोगों का बजट बिगड़ रहा है. बारिश का मौसम खत्म होने के बावजूद हरी सब्जियों की कीमतों में राहत नहीं मिली है. दिल्ली में परवल और भिंडी 80 रुपये किलो बिक रही है, जबकि टमाटर के दाम 40 से 50 रुपये किलो तक हैं. वहीं, प्याज अभी भी 60 रुपये किलो मिल रहा है. तेलंगाना में भी सब्जियां महंगी हैं, जहां टमाटर के दाम में 150 फीसदी तक का उछाल आया है.
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी मौसम में सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है. महंगे दामों के कारण लोग सब्जियां कम खरीद रहे हैं. हैदराबाद में टमाटर और प्याज की कीमतों में तेजी आई है. करीब दो हफ्ते पहले टमाटर 20 रुपये किलो बिक रहा था. अब इसकी कीमत बढ़कर 50 रुपये किलो हो गई है. वहीं, सुपरमार्केट में टमाटर करीब 60 रुपये किलो मिल रहा है. सड़क किनारे बाजारों में टमाटर के दाम करीब 150 फीसदी और सुपरमार्केट में 71 फीसदी बढ़े हैं.
प्याज के दाम में भी तेजी आई है. अक्टूबर की शुरुआत में प्याज की कीमत 65 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गई, जबकि एक महीने पहले यह करीब 30 रुपये किलो बिक रहा था. हैदराबाद के रायथु बाजारों में 12 सितंबर को प्याज 45 से 50 रुपये किलो था. वहीं, सड़क किनारे के विक्रेता इसे करीब 60 रुपये किलो बेच रहे थे. ऑनलाइन क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्याज की कीमत 60 से 70 रुपये किलो तक रही.
हैदराबाद की मल्कपेट मंडी में प्याज का थोक भाव बढ़कर 45,000 से 52,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है. जुलाई में यही भाव 18,000 से 20,000 रुपये प्रति क्विंटल था. कीमतों में इस तेजी से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ खुदरा कारोबारियों पर भी दबाव बढ़ रहा है. हालांकि, तेलंगाना में प्याज की कीमतें बढ़ने की एक बड़ी वजह महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुरनूल से कम सप्लाई होना है. ये दोनों इलाके तेलंगाना में प्याज की आपूर्ति के प्रमुख स्रोत हैं. व्यापारियों के मुताबिक, इन क्षेत्रों में बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे बाजार में प्याज की उपलब्धता कम हो गई है.
खास बात यह है कि तेलंगाना में दूसरी सब्जियों की कीमतों में भी तेजी आई है. 29 सितंबर को हैदराबाद के कुकटपल्ली रायथु बाजार में बैंगन 35 रुपये किलो, भिंडी और हरी मिर्च 45 रुपये किलो, करेला 35 रुपये किलो और तुरई 40 रुपये किलो बिक रही थी. बाजार के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, अब इन सब्जियों के दाम बढ़कर 50 रुपये किलो से अधिक हो गए हैं. इससे आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है..
तेलंगाना में सब्जियों की बढ़ती कीमतों के कारण लोगों ने खरीदारी कम कर दी है. पहले जो लोग एक बार में 3 से 4 किलो सब्जियां खरीदते थे, वे अब करीब 1 किलो ही खरीद रहे हैं. बढ़ते तापमान के कारण लोगों को यह डर भी है कि सब्जियां जल्दी खराब हो सकती हैं. व्यापारी साई के मुताबिक, अगर सब्जी उत्पादक क्षेत्रों से बाजार में आवक कम बनी रहती है, तो टमाटर समेत मौसम की मार से प्रभावित होने वाली दूसरी सब्जियों के दाम भी ऊंचे रह सकते हैं.