जबलपुर: अरहर, उड़द और मसूर की खेती बढ़ाने की तैयारी, NCCF ने शुरू किया डोर-टू-डोर आउटरीच अभियान – एग्रीवेट

Team Agrivate
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जबलपुर: अरहर, उड़द और मसूर की खेती बढ़ाने की तैयारी, NCCF ने शुरू किया डोर-टू-डोर आउटरीच अभियान - एग्रीवेट - जबलपुर: अरहर, उड़द

एग्रीवेट: 24 सितंबर 2026, जबलपुर: जबलपुर: अरहर, उड़द और मसूर की खेती बढ़ाने की तैयारी, NCCF ने शुरू किया डोर-टू-डोर आउटरीच अभियान – देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश को भी इस राष्ट्रीय मिशन में विशेष रूप से शामिल किया गया है। इसी के तहत जबलपुर जिले में किसानों को मिशन से जोड़ने और योजनाओं की जानकारी देने के लिए NCCF इंदौर शाखा ने डोर-टू-डोर और क्लस्टर आउटरीच अभियान शुरू किया है।

मध्यप्रदेश में तूअर (अरहर), चना, मसूर और उड़द की उच्च उत्पादकता को देखते हुए मिशन के लिए जबलपुर, दमोह, कटनी, सागर, उज्जैन, खंडवा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों का चयन किया गया है। मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन, किसान पंजीकरण और योजनाओं को खेतों तक पहुंचाने के लिए क्लस्टर स्तर पर सघन आउटरीच अभियान चलाए जा रहे हैं।

मिशन के तहत मुख्य रूप से तूअर, उड़द और मसूर की खेती पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। पंजीकृत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए इन तीनों फसलों की अगले 4 वर्षों तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर शत-प्रतिशत खरीदी की गारंटी दी गई है। यह खरीदी प्रक्रिया नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।

इसी क्रम में NCCF इंदौर शाखा द्वारा जबलपुर जिले में किसानों से सीधे संपर्क के लिए डोर-टू-डोर और क्लस्टर आउटरीच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत NCCF इंदौर की शाखा प्रबंधक श्रीमती गायत्री रेडिया ने कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह से मुलाकात कर विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान कलेक्टर ने मिशन के आधिकारिक पोस्टर और बैनर का अनावरण कर जिले में अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद कृषि विभाग के उपसंचालक श्री यू.के. कटहरे और मंडी सचिव श्री समीर कुमार दास से भी मुलाकात कर अभियान की रूपरेखा साझा की गई।

अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद जबलपुर मंडी परिसर से भी दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को लेकर जागरूकता गतिविधियों की शुरुआत की गई। अभियान के माध्यम से किसानों को मिशन, पंजीकरण प्रक्रिया और दलहन फसलों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इस पहल का उद्देश्य किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के साथ उन्हें दलहन उत्पादन से जोड़ना और अरहर, उड़द एवं मसूर की खेती को बढ़ावा देना है।

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