किसान कृषि की नई तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को अपनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: KRISHAK JAGAT | National Agriculture Hindi Newspaper

मिलेट उत्पादन में अग्रणी है सीधी

26 सितंबर 2026, भोपाल: किसान कृषि की नई तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को अपनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती का भविष्य उज्जवल है। किसानों को अपनी खेती को समय के साथ बदलते हुए नई तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने की दिशा में पहल करनी होगी। श्री अन्न, उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योगों में रूचि लेकर किसान आमदनी के नए रास्ते खोल सकते हैं। सीधी मिलेट उत्पादन में अग्रणी है, यहां कोदो, कुटकी, सांवा, मिजरी और काकुन जैसी कई मिलेट फसलें पारंपरिक रूप से उगाई जाती हैं, जो यहां की संस्कृति का अहम हिस्सा हैं। प्रसन्नता का विषय है कि श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए जिले में 2 हज़ार हेक्टेयर में रागी और लगभग ढाई हज़ार हेक्टेयर में कोदो की फसल को बढ़ावा दिया जा रहा है।  हमारा प्रयास है कि श्री अन्न का उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को प्रसंस्करण और बाजार से भी जोड़ा जाए, जिससे उनकी आमदनी के नए रास्ते खुलें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार सीधी के बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंद्रेह शिव मंदिर में विराजे बाबा भोलेनाथ, बढ़ौरानाथ स्वामी और जगत जननी जगदंबा को नमन करते हुए कहा कि सीधी जिले में आदिशक्ति के अनेक पावन धाम हैं, प्रदेशवासियों पर सबकी कृपा बनी रहे, यही कामना है। इस अवसर पर मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई उपस्थित थे।

खेती-किसानी के साथ पर्यटन और दरी कारीगरी के लिए भी प्रसिद्ध है सीधी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय संस्कृति से सजे सीधी की संभावनाओं की सूची बहुत लंबी है। खेती-किसानी के साथ पर्यटन, दरी कारीगरी, प्रकृति के वैभव और लोक संस्कृति यहां की रीढ़ है। पंजा दरी कारीगरों ने अपनी मेहनत और कला के बल पर सीधी को नई पहचान दी है। सीधी जिला कालीन बुनकरों का घर है, पंजा दरी विश्व प्रसिद्ध है, इसकी मांग विदेश तक है। पंजा दरी और कालीन हथकरघा उत्पादों को ‘एक जिला-एक उत्पाद’ के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। रामपुर नैकिन के भरतपुर गांव में हथकरघा और आकर्षक खादी परिधान बनाने की इकाई भी संचालित है। इससे स्थानीय कारीगरों को आय के अवसर मिल रहे हैं।

किसान नवाचार और तकनीक अपना रहे हैं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी के किसान नवाचार और तकनीक अपना रहे हैं। जिले में धान, गेहूं, सरसों, चना, तिल और अरहर जैसी प्रमुख फसलों के साथ फल और सब्जियों का भी उत्पादन हो रहा है। टमाटर उत्पादन में सीधी की अपनी अलग ही पहचान है। प्याज, आलू, भिंडी, खीरा और बैंगन जैसी सब्जियों के साथ कटहल, कलमी आम, ग्राफ्टेड अमरूद, कलमी नींबू, फूलगोभी और चुकंदर जैसी उन्नत फसलों में मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पानी की बचत के साथ पैदावार भी बढ़ रही है।

समय पर पंजीयन कराएं किसान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। किसानों द्वारा लिए गए कृषि ऋण को चुकाने की व्यवस्था भी उनकी सुविधा की अनुसार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को अपनी फसल समर्थन मूल्य पर देने के लिए समय रहते पंजीयन कराने की समझाइश दी।

किसान दुग्ध उत्पादन से जुड़कर आय बढ़ाएं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी में पिछले 6 महीनों में महिला समूहों ने 24 क्विंटल महुआ लड्डू और 5 क्विंटल महुआ बिस्किट बेचकर करीब 13 लाख रुपए की आमदनी अर्जित की है। इस उपलब्धि के लिए महिला उद्यमी बधाई की पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें दुग्ध उत्पादन से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अंतर्गत संचालित सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का भी किसानों से आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 25 सितम्बर से मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा का संचालन आरंभ हो रहा है। राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रगतिशील किसानों ने साझा किए अनुभव – “खेती को लाभ का धंधा कैसे बनाएं” विषय पर संगीता मिश्रा मझरेटी खुर्द सिहावल, विपिन शुक्ला मनकीसर रामपुर नैकिन, सजन सिंह बरमानी सीधी, विष्णु कांत कुशवाह भैसरहा रामपुर नैकिन एवं आरती सिंह टिकटकला सीधी ने अपने अनुभव साझा किए।

  मत्स्य पालन, कस्टम हायरिंग सेंटर, प्राकृतिक खेती, दाल उत्पादन, बेसन प्रोसेसिंग, राइस मिल, भैंस पालन और सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले श्वेता सिंह, सिद्धार्थ सिंह, विवेक सिंह चौहान, संगीता मिश्रा, रीतू सिंह, बेअंत सिंह, रोहित कुमार मिश्रा, उर्मिला साहू, सौखीलाल यादव एवं गुलाब सिंह को सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अभय गुप्ता, प्रिंस पटेल, चैतन्य सिंह चौहान, प्रिंस सिंह चौहान, आदित्य तिवारी, शिवाक्षत शुक्ला, आदर्श सिंह, आदर्श गुप्ता, यश चतुर्वेदी एवं गरिमा दुबे को सम्मानित किया गया।

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