टमाटर के भाव में तेजी, बदलते मौसम से फसल प्रभावित.. महाराष्ट्र से कर्नाटक उपज भेज रहे किसान – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: देश की प्रमुख कृषि मंडियों में टमाटर के दाम पिछले एक महीने में दोगुने से ज्यादा बढ़ गए हैं. कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, सितंबर में तापमान में असामान्य बदलाव, पानी की कमी और रात के सामान्य से कम तापमान का असर टमाटर की फसल पर पड़ा है. इससे उत्पादन और मंडियों में आवक प्रभावित हुई है. टमाटर की खेती वाले प्रमुख राज्यों कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में मौसम की मार ज्यादा देखने को मिली है. सितंबर में अल नीनो के असर से तापमान में बदलाव के साथ पानी की उपलब्धता भी कम रही. वहीं, रात का तापमान सामान्य से नीचे रहने से भी फसल प्रभावित हुई है.

बढ़ते भाव का फायदा उठाने के लिए महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र के टमाटर किसान अपनी उपज कर्नाटक के कोलार भेज रहे हैं. किसानों को यहां बेहतर भाव मिलने की उम्मीद है. महाराष्ट्र से टमाटर की बढ़ी आवक का असर कोलार समेत कुछ बाजारों में कीमतों पर पड़ा है और तेजी कुछ हद तक कम हुई है. कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि महाराष्ट्र से बढ़ी आपूर्ति ने टमाटर की बढ़ती कीमतों पर कुछ दबाव बनाया है. हालांकि, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में फसल पर मौसम का असर बना हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों पर नजर बनी रहेगी.

कृषि मंत्रालय के एगमार्कनेट पोर्टल के मुताबिक, कर्नाटक की कोलार कृषि उपज मंडी समिति (APMC) में टमाटर का मॉडल भाव एक महीने में दोगुने से ज्यादा बढ़ गया है. 10 सितंबर को यहां टमाटर का मॉडल भाव 800 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर 1,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. अच्छी क्वालिटी के टमाटर का भाव 3,000 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर पहुंच गया है.

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले की पलमनेर APMC में भी टमाटर के भाव में तेज बढ़ोतरी हुई है. यहां टमाटर का भाव एक महीने पहले के 1,500 रुपये से बढ़कर 3,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. इसके उलट महाराष्ट्र की नासिक APMC में टमाटर के भाव में गिरावट आई है. यहां एक महीने पहले 2,100 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले अब भाव घटकर 1,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है.

कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, प्रमुख टमाटर उत्पादक इलाकों में फसल की आवक कम होने से कीमतों में तेजी आई है. कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में मौसम की स्थिति का भी फसल पर असर पड़ा है. वहीं, बेहतर भाव की उम्मीद में नासिक क्षेत्र के किसान अपना टमाटर कोलार भेज रहे हैं. इससे कोलार में टमाटर की आपूर्ति बढ़ी है और कीमतों में तेजी कुछ हद तक नियंत्रित हुई है.

एगमार्कनेट के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में मंडियों में टमाटर की आवक घटकर 1,200 टन से भी कम रह गई है. एक महीने पहले यह आवक करीब 1,700 टन थी. अक्टूबर की शुरुआत में आवक 950 टन से भी नीचे पहुंच गई थी. हालांकि, नासिक से टमाटर की अतिरिक्त खेप पहुंचने के बाद आवक में कुछ सुधार हुआ है. आंध्र प्रदेश के पालमनेर में टमाटर की रोजाना आवक एक महीने पहले के 60 टन से घटकर 10 टन से भी कम रह गई है. वहीं, नासिक में आवक 2,100 टन से घटकर 1,250 टन रह गई है.

टमाटर की कीमतों में तेजी का असर खुदरा बाजार में भी देखने को मिल रहा है. करीब दो हफ्ते पहले प्रमुख शहरों में टमाटर 20-25 रुपये प्रति किलो बिक रहा था. अब इसकी कीमत बढ़कर करीब 50 रुपये प्रति किलो हो गई है. मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में टमाटर करीब 50 रुपये किलो बिक रहा है. वहीं, दिल्ली में कीमत करीब 34 रुपये प्रति किलो है.

कोलार APMC के एक कारोबारी ने कहा कि अक्टूबर की शुरुआत में टमाटर का भाव 1,600 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर पहुंच गया था. लेकिन नासिक से टमाटर की आवक बढ़ने के बाद कीमतों में कुछ कमी आई है. कारोबारियों के मुताबिक, नासिक से आने वाली अतिरिक्त खेप ने कोलार के बाजार में टमाटर की उपलब्धता बढ़ाई है. इससे कीमतों में तेजी पर कुछ हद तक रोक लगी है.

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