इस राज्य में धान कटाई से पहले ही खरीद के सौदे, किसानों को 4600 रुपये क्विंटल तक भाव दे रहे व्यापारी – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: चावल की बढ़ती कीमतों के बीच दूसरे राज्यों के व्यापारी तेलंगाना में किसानों से सीधे धान खरीद रहे हैं. महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु के व्यापारी किसानों को किस्म के आधार पर 4,600 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव दे रहे हैं, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी ज्यादा है. व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में धान की कीमतें और बढ़ेंगी. ऐसे में वे फसल की कटाई पूरी होने से पहले ही खरीद के सौदे कर रहे हैं और किसानों को अग्रिम भुगतान भी दे रहे हैं.

तेलंगाना टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु के व्यापारी तेलंगाना की मंडियों में बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. वे निजामाबाद, करीमनगर, खम्मम और रंगारेड्डी जिलों में किसानों से सीधे धान खरीद रहे हैं. धान की किस्म के हिसाब से व्यापारी किसानों को 4,000 से 4,600 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव दे रहे हैं. यह केंद्र सरकार की ओर से तय 2,440 से 2,460 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी ज्यादा है.

तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने भी धान की सात अच्छी किस्मों के लिए 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का ऐलान किया है. इसके बावजूद निजी व्यापारी किसानों को इससे कहीं ज्यादा कीमत दे रहे हैं. ऐसे में किसान बेहतर भाव पाने के लिए व्यापारियों से पहले ही भुगतान ले रहे हैं और धान की आपूर्ति के लिए समझौते कर रहे हैं.  पहले के निजामाबाद, वारंगल, करीमनगर और खम्मम जिलों में उगाए जाने वाले धान की मांग आमतौर पर ज्यादा रहती है. हालांकि, इस बार व्यापारी रंगारेड्डी जिले के किसानों से भी धान खरीदने के लिए सौदे कर रहे हैं.

महाराष्ट्र के व्यापारी तेलंगाना के मोइनाबाद, शंकरपल्ली, पोद्दुतुर और आसपास के इलाकों में किसानों को धान की फसल के लिए अग्रिम भुगतान कर रहे हैं. इसके जरिए वे पहले से ही धान खरीदने का सौदा कर रहे हैं. हालांकि, इस सीजन में सरकारी खरीद केंद्रों पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है. वहीं, निजी व्यापारी धान में नमी और गुणवत्ता से जुड़ीशर्तें लगाए बिना खरीद कर रहे हैं. सरकारी केंद्रों पर नुकसान और दूसरी वजहें बताकर प्रति बोरी 2 से 3 किलो धान की कटौती भी की जाती है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. इसके अलावा, सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है. इन परेशानियों के चलते कई किसान सरकारी केंद्रों के बजाय निजी व्यापारियों को सीधे धान बेचना पसंद कर रहे हैं.

हैदराबाद के खुदरा बाजारों में अच्छी किस्म के चावल की कीमत  बढ़कर 85 से 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. पिछले 30 से 45 दिनों में 25 किलो चावल की बोरी 300 से 400 रुपये महंगी हो गई है. इससे आम परिवारों और किराना दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है. कई लोगों को आशंका है कि आने वाले दिनों में चावल की कीमत 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है. ऐसे में दूसरे राज्यों के व्यापारियों की ओर से तेलंगाना में धान की खरीद बढ़ने से खुदरा बाजार में चावल की कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है. यह स्थिति इसलिए भी अहम है, क्योंकि राज्य सरकार किसानों से यासांगी (रबी) सीजन में धान की खेती नहीं करने की अपील कर रही है.

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