सस्ती प्याज दिलाने के लिए रकबा बढ़ाएगी सरकार, फसल को अल नीनो से बचाने के निर्देश – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: प्याज समेत अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की महंगाई से लोगों की जेब का खर्च बढ़ता जा रहा है. आंध्र प्रदेश में कई दिनों से प्याज की ऊंची कीमतों पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि कीमत नियंत्रण के लिए दूसरे राज्यों से प्याज की आपूर्ति बढ़ाई गई है. लेकिन, प्याज की कीमतों को आने वाले भविष्य में नियंत्रित करने के लिए प्याज की खेती को बढ़ाना भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्याज का घरेलू उत्पादन बढ़ाना होगा. बता दें कि आंध्र प्रदेश में प्याज की कीमतें 70 रुपये के पार चल रही हैं. इसके अलावा उन्होंने धान की फसल को अल नीनो के असर से बचाने के निर्देश भी कृषि विभाग को दिए हैं.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जरूरी चीजों की कीमतों को नियंत्रण में रखें और किसानों को अल नीनो के प्रभाव से बचाएं. मुख्यमंत्री ने टेलीकॉन्फ्रेंस के दौरान अल नीनो से निपटने के लिए बनाई गई कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजना के अनुसार उपाय लागू करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि हमने पहले ही अल नीनो की स्थितियों का अनुमान लगा लिया है. सभी को पहले से बनी योजना के अनुसार काम करना चाहिए. किसानों को अल नीनो के असर से बचाना है. साथ ही जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों पर भी लगाम लगाना है. उन्होंने अल नीनो को चुनौती मानते हुए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे किसानों के साथ मिलकर इसके असर से निपटने के लिए काम करें.

मुख्यमंत्री ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कई हिस्सों में खरीफ फसलों पर सूखे का असर देखा जा रहा है. खासकर धान की फसल को अल नीनो की वजह से कम बारिश का सामना करना पड़ा है. ऐसे में धान किसानों के लिए सिंचाई सुविधाएं बेहतर करके धान का उत्पादन बचाए रखना जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है, उसका आकलन सर्वे कराया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद किसानों के नुकसान की भरपाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को चावल, प्याज, पामोलिन और अन्य जरूरी चीजों की कीमतें नियंत्रण में रखने का निर्देश दिया. गोदाम में मौजूद चावल के भंडार की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि कीमतें कम करने के लिए इसे बाजार में लाया जाना चाहिए. कीमतों को काबू में रखने के लिए अलग-अलग जगहों से प्याज मंगाए जाने का जिक्र करते हुए तेदेपा प्रमुख ने भविष्य में बाजार की मांग के आधार पर प्याज की खेती करने का आह्वान किया.

मुख्यमंत्री ने राज्य में प्याज का रकबा बढ़ाने का आह्वान किया. आंध्र प्रदेश में चालू खरीफ सीजन (2026) के दौरान मॉनसूनी बारिश की कमी और सूखे जैसे हालात के कारण प्याज का रकबा सामान्य से घटकर बहुत कम रह गया है. राज्य के नंद्याल (Nandyal) और कुरनूल (Kurnool) जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में जहां सामान्य रकबा 2,450 हेक्टेयर रहता था, वहां इस पर बुवाई सिमटकर 250 हेक्टेयर से भी कम क्षेत्र में रह गई है.

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