UP Cabinet: गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी का ऐलान फिर नहीं हुआ, 122 चीनी मिलें चलाने का भरोसा दे गए सीएम – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: Uttar Pradesh Sugarcane Farmers: आज हुई कैबिनेट बैठक में गन्ना मूल्य बढ़ोतरी का ऐलान नहीं किया गया है. लंबे समय से गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग कर रहे किसानों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए यह जानकारी दी. उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को पिछले 9 वर्षों में 3 लाख 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है. राज्य सरकार के मुताबिक, इस भुगतान से प्रदेश के करीब 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है. सरकार ने गन्ना किसानों के भुगतान के साथ कृषि ऋण और फसल क्षतिपूर्ति से जुड़े आंकड़े भी साझा किए. ऐसे में गन्ना मूल्य भुगतान का यह आंकड़ा प्रदेश के कृषि क्षेत्र और किसानों की आमदनी के लिहाज से अहम है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पिछले 9 वर्षों के दौरान गन्ना किसानों को 3 लाख 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान सुनिश्चित किया गया है. प्रदेश में इस समय 122 चीनी मिलें संचालित हैं. इसके साथ ही उन्होंनो बताया कि अधिकांश चीनी मिलें गन्ने की आपूर्ति के बाद तय समय पर सरकार भुगतान कर रही हैं. इससे किसानों को फसल बेचने के बाद पैसे के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता. उत्तर प्रदेश में गन्ना प्रमुख नकदी फसलों में शामिल है. बड़ी संख्या में किसान परिवार अपनी आजीविका के लिए गन्ने की खेती पर निर्भर हैं. ऐसे में समय पर भुगतान मिलने से किसानों को खेती की लागत चुकाने, अगली फसल की तैयारी करने और घरेलू जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है.

पेराई सत्र 2025-26 के लिए उत्तर प्रदेश में गन्ने  का राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) अगेती प्रजाति के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था. गन्ने की कीमत किसानों की आमदनी का अहम आधार है. गन्ने का उचित मूल्य और समय पर भुगतान, दोनों ही किसानों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करते हैं. सरकार की ओर से साझा जानकारी के मुताबिक, अदालतों के आदेशों के बाद वर्षों से लंबित करीब 2,000 करोड़ रुपये के बकाये के भुगतान की प्रक्रिया भी तेज की गई है. हालांकि, इस राशि के भुगतान की मौजूदा स्थिति और किसानों को रकम मिलने की समयसीमा के बारे में अलग से स्पष्ट जानकारी जरूरी है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी ने किसान क्रेडिट कार्ड  और फसल क्षतिपूर्ति से जुड़े आंकड़े भी बताए. सरकार के मुताबिक, 5 करोड़ 50 लाख किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 13 लाख 42 हजार 978 करोड़ रुपये का फसल ऋण वितरित किया गया है. यह आंकड़ा कृषि कार्यों के लिए किसानों को उपलब्ध कराए गए कर्ज से जुड़ा है. इसके अलावा, 79 लाख 51 हजार किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का भुगतान किए जाने की जानकारी भी दी गई. फसल को प्राकृतिक आपदाओं या अन्य नुकसान से प्रभावित होने पर मिलने वाली क्षतिपूर्ति किसानों को आर्थिक सहारा देती है. हालांकि, साझा आंकड़ों में इस भुगतान की कुल राशि और अवधि का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है.

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में सड़क, रेल और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास का भी जिक्र किया. सरकार के मुताबिक, करीब 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है. बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था कृषि उपज  को मंडियों, चीनी मिलों और दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है. गन्ना किसानों के लिए भुगतान व्यवस्था, गन्ने का मूल्य और चीनी मिलों का समय पर संचालन अहम मुद्दे हैं. अब किसानों के लिए यह भी जरूरी है कि गन्ने की आपूर्ति के बाद भुगतान तय समय पर हो और लंबित बकाये का निपटारा तेजी से किया जाए.

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