कोदो, कुटकी और धान की खरीदी से किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: 02 नवंबर 2026, भोपाल: कोदो, कुटकी और धान की खरीदी से किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी दिशा में कोदो, कुटकी के साथ धान की खरीदी का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ मिलेगा और परंपरागत कृषि उत्पादों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री शनिवार को इंदौर एयरपोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डिंडोरी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडोरी जिले में कृषि के क्षेत्र में नवाचार और विकास को लेकर सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है। यह जिला उनके लिए विशेष महत्व रखता है। वे पूर्व में डिंडोरी जिले के प्रभारी भी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिले ने अपने जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में प्रदेश में अलग पहचान स्थापित की है। बलराम कृषि महोत्सव किसानों को आधुनिक तकनीक, कृषि नवाचार और खेती की नई संभावनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जनजातीय बहुल डिंडोरी जिले में कृषि के क्षेत्र में हो रहे प्रयास सराहनीय हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से कृषि और पशुपालन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वर्ष प्रत्येक विकासखंड में गौमाता प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक के वृंदावन ग्राम में उत्कृष्ट गौपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौपालन को बढ़ावा देना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में वरिष्ठ विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल भी इंदौर में उपस्थित थे। उन्होंने बलराम कृषि महोत्सव के आयोजन पर डिंडोरी जिले के किसानों और आयोजकों को बधाई दी। राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत भगवान बलराम के नाम पर इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह श्रृंखला का 49वां कार्यक्रम है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में इस प्रकार के आयोजन किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। आयोजन के माध्यम से किसानों और ग्रामीण हितग्राहियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए कृषि एवं ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने का संदेश दिया गया।

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