एग्रीवेट: हरियाणा में बिजली के निजीकरण के विरोध में भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह ने सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया . किसान यूनियन ने कहा कि हरियाणा सरकार बिजली आपूर्ति व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपना चाहती है और बिजली कानून 2003 के जरिए फिर से राज्य में निजीकरण का रास्ता खोलने की कोशिश की जा रही है. किसान संगठन ने कहा कि निजीकरण से किसानों को मिलने वाली सब्सिडी खत्म होने और यूनिट रेट बढ़ जाएंगे, जिससे किसानों की कृषि लागत पर बुरा असर पड़ेगा. वहीं, गुरुग्राम समेत कई इलाकों की बिजली सप्लाई ठप कर दी गई है.
भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के प्रवक्ता तेजवीर सिंह पंजोखरा साहिब ने बयान जारी कर कहा कि बिजली के निजीकरण के खिलाफ प्रदेश भर के बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि किसानों को महंगी बिजली मिलने और सब्सिडी खत्म किए जाने का डर है. ऐसे में किसान चुप नहीं बैठने वाले हैं. उन्होंने कहा कि बिजली आज हर नागरिक की मूलभूत जरूरत है. इसका निजीकरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
किसान नेता तेजवीर सिंह पंजोखरा साहिब ने कहा कि हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम और नूंह से निजीकरण की शुरुआत कर पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था को बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों के हवाले करना चाहती है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बिजली कानून 2003 के जरिए निजीकरण का जो रास्ता खोला गया था, उसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए.
तेजवीर सिंह पंजोखरा साहिब ने कहा कि निजीकरण होने से बिजली बेहद महंगी हो जाएगी, जिससे आम उपभोक्ता और किसान इसके खर्च से दब जाएंगे. इसके साथ ही प्री-पेड स्मार्ट मीटर का बोझ जनता पर पड़ेगा, बिजली कर्मचारियों की नौकरियां छिनेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खत्म हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि हमारा संगठन हरियाणा सरकार से मांग करता है कि वह बिजली का निजीकरण तुरंत रोके.
बिजली कर्माचारियों की हड़ताल और उनके समर्थन में किसानों के प्रदर्शन के बाद हरियाणा सरकार ने राज्य के मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को बातचीत की जिम्मेदारी दी है. राव इंद्रजीत सिंह ने पंचकूला में मीडिया से कहा कि बिजली की बड़ी समस्या है. यहां पर लोग स्ट्राइक कर रहे हैं. प्राइवेट कंपनियों को बिजली का कॉन्ट्रैक्ट मिलने पर लोगों और कर्मचारियों की भी चिंता है. उसके बारे में चर्चा हुई है. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि सभी प्रतिनिधियों से बातचीत करके आज शाम तक सकारात्मक फैसला ले लिया जाएगा.
बिजली कर्मियों की हड़ताल से गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी और सोनीपत समेत पूरा हरियाणा पिछले 2 दिनों से अंधेरे में डूबा हुआ है. पानी और फेक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों पर बड़ा संकट आ गया है. सोनीपत के कुंडली और राई औद्योगिक क्षेत्र में 50 में से 48 फीडर बंद रहे. नूंह के 80 फीसदी क्षेत्र में बिजली गुल थी. नारनौल जिले के 90 फीसदी हिस्से में बिजली नहीं थी. रेवाड़ी में रात 10 बजे के बाद 100 फीडरों से आपूर्ति बंद हो गई.