एग्रीवेट: मध्य प्रदेश के खरगोन में भारतीय कपास निगम (CCI) की कपास खरीद शुरू होने में देरी से नाराज किसानों ने प्रदर्शन किया. किसानों ने आनंद नगर स्थित कपास मंडी का मुख्य गेट बंद कर दिया. उन्होंने सरकार से जल्द कपास की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की. किसानों का कहना है कि कपास की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन CCI की खरीद अब तक शुरू नहीं हुई है. इससे उन्हें आर्थिक नुकसान का भय सता रहा है. वहीं, प्रदर्शन के दौरान मंडी परिसर में एक किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई. बताया गया कि किसान ने अपनी कपास की नीलामी कराने के बाद मंडी परिसर में ही दम तोड़ दिया.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रदर्शन राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले किया गया. किसानों के प्रदर्शन के कारण मंडी के अंदर और बाहर वाहनों की लंबी कतार लग गई. इससे यातायात भी प्रभावित हुआ. वहीं, मंडी का गेट बंद होने से नीलाम हो चुकी कपास लेकर जाने वाले वाहन बाहर नहीं निकल सके. कपास लेकर मंडी पहुंच रहे किसानों को भी बाहर इंतजार करना पड़ा. कुछ किसानों ने गेट बंद करने का विरोध भी किया. उनका कहना था कि वे अपनी कपास जिनिंग इकाइयों तक ले जाना चाहते हैं. बाद में नीलाम हो चुकी कपास से लदे वाहनों को दूसरे गेट से बाहर जाने की अनुमति दी गई.
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर तहसीलदार विजय सिसोदिया, एसडीओपी सौरभ तोमर और मंडी सचिव शर्मिला निमामा मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर प्रदर्शन खत्म करने की अपील की. हालांकि, किसानों ने सरकारी खरीद की तारीख घोषित होने तक प्रदर्शन खत्म करने से इनकार कर दिया. महासंघ के नेताओं ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही मंडी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर गेट बंद करने की चेतावनी दी थी.
खरगोन के अलावा भीकनगांव, कसरावद, महेश्वर, करही और सनावद की मंडियों में भी किसानों के प्रदर्शन की खबर सामने आई. अधिकारियों ने किसानों की फोन पर CCI के क्षेत्रीय अधिकारी शुभम शुक्ला से बात कराई. उन्होंने किसानों को भरोसा दिया कि 12 अक्टूबर से स्लॉट बुकिंग शुरू होगी और 15 अक्टूबर से कपास की सरकारी खरीद शुरू कर दी जाएगी. इसके बाद किसानों ने मंडी का गेट खोल दिया. मंडी सचिव ने बताया कि CCI की ओर से खरीद की तारीख मिलने के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया.
प्रदर्शन के दौरान लेपा पुनर्वास क्षेत्र के रहने वाले 53 वर्षीय किसान अशोक की तबीयत अचानक बिगड़ गई. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अशोक के भाई संतोष ने कहा कि अशोक रविवार को अपनी कपास लेकर मंडी पहुंचे थे. मंगलवार को कपास की नीलामी होने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई.