पराली जलाने पर एक साथ 5 किसानों पर कार्रवाई, कंबाइन मशीन से धान काटने पर संचालक फंसा, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: मध्य प्रदेश में इस सीजन 2026 की धान कटाई के बाद पराली जलाने के मामलों प्रशासन ने पहली कार्रवाई में 5 किसानों को दोषी पाया है. ये सभी किसान जबलपुर जिले के हैं और इन पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं, बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के कंबाइन मशीन से फसल कटाई पर रोक के बावजूद ग्वालियर में धान की कटाई करने पर कंबाइन संचालक पर कार्रवाई की गई है.

मध्य प्रदेश के जबलपुर के राजस्व विभाग के अनुसार जिले के बरगी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी और खापा में रविवार को खेतों में फसल अवशेष (नरवाई) जलाने की घटना की जानकारी मिलने पर राजस्व एवं कृषि अधिकारियों के संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर स्थल निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया. उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने मीडिया को बताया कि निरीक्षण के दौरान जिन व्यक्तियों द्वारा खेतों में नरवाई जलाना पाया गया.

उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने बताया कि दोषी पाए गए किसानों में आशीष कुमार चौकसे, मिथिलेश चौकसे, कमलेश चौकसे, चम्मां राजपूत और संतोष गोंड शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इन व्यक्तियों के विरुद्ध वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जबलपुर की ओर से तैयार पंचनामे को संबंधित तहसीलदार के समक्ष पेश किया गया है, ताकि नियम अनुसार अर्थदंड (पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि) लगाकर कार्रवाई की जा सके.

मध्य प्रदेश के ग्वालियर ग्वालियर जिले के भितरवार स्थित खेड़ा टांका गांव में हार्वेस्टर संचालक हरदयाल सिंह पर धान की कटाई के दौरान बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम लगाए काम करने पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. बता दें कि मध्य प्रदेश शासन ने बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के धान की कटाई करने पर प्रतिबंध लगा रखा है. मशीन से कटाई पर डंठल खेत में छूट जाते हैं जबकि बाली को मशीन काट लेती है. ऐसे में किसान डंठल में आग लगा देते हैं. इस पर रोक के लिए सरकार ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं.

जबलपुर के अपर जिला दण्डाधिकारी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के तहत आदेश जारी कर जिले में नरवाई जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमानुसार प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर भूमि के रकबे के हिसाब से 2 हजार 500 रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है. आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय कार्रवाई भी की जा सकती है.

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