एग्रीवेट: पंजाब में इस साल कई किसानों की धान की अगेती और कम समय में तैयार होने वाली किस्में कटाई के लिए तैयार हो गई हैं. लेकिन सरकार ने धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू करने का फैसला किया है. ऐसे में किसान खरीद जल्द शुरू करने की मांग कर रहे हैं. पंजाब सरकार ने लगातार दूसरे साल धान की रोपाई 1 जून से शुरू करने की अनुमति दी थी. इसके चलते PR-126 जैसी कम अवधि वाली किस्में और 7501, 7301 व 134 जैसी हाइब्रिड किस्में अब पककर तैयार हो गई हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों का कहना है कि इस साल मौसम सामान्य रहने से फसल अपने तय समय पर तैयार हुई है. पिछले साल भारी बारिश और बाढ़ के कारण फसल पकने में देरी हुई थी, लेकिन इस बार ऐसी स्थिति नहीं बनी. किसानों को चिंता है कि अगर सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से पहले शुरू नहीं हुई तो उन्हें फसल निजी खरीदारों को MSP से कम कीमत पर बेचनी पड़ सकती है. कुछ किसानों ने कहा कि वे पहले ही अपनी फसल का एक हिस्सा 2,000 से 2,100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर निजी खरीदारों को बेच चुके हैं. वहीं, 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए धान का MSP 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. किसानों की मांग है कि अगेती किस्मों की तैयार फसल को देखते हुए सरकारी खरीद पहले शुरू की जाए.
पंजाब में धान की रोपाई लगातार दूसरे साल 1 जून से शुरू करने की अनुमति दी गई है. लेकिन इस बार सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होगी. इससे अगेती किस्मों की फसल तैयार होने के बावजूद किसानों को सरकारी खरीद का इंतजार करना पड़ रहा है. पिछले साल भी धान की रोपाई 1 जून से शुरू की गई थी. साथ ही सरकार ने सरकारी खरीद भी पहले शुरू करते हुए 16 सितंबर से कर दी थी. यह पारंपरिक 1 अक्टूबर की तारीख से करीब दो हफ्ते पहले थी.
किसानों और कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले साल और इस साल के मौसम में बड़ा अंतर है. पिछले साल अगस्त और सितंबर में पंजाब में बहुत ज्यादा बारिश हुई थी और कई इलाकों में बाढ़ आ गई थी. कई जगह खेतों में पानी भर गया था. लगातार बारिश के कारण धान की कटाई में भी देरी हुई और कई इलाकों में फसल देर से तैयार हुई. यही वजह थी कि 16 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू होने के बावजूद मंडियों में धान की आवक बहुत कम रही. इस साल मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने से कम अवधि वाली कई धान की किस्में समय पर तैयार हो गई हैंय ऐसे में किसान सरकारी खरीद की तारीख पहले करने की मांग कर रहे हैं.
पंजाब में इस साल अगेती धान की फसल समय पर तैयार हो गई है. किसानों का कहना है कि सरकार को धान खरीद की तारीख तय करने के बजाय फसल के पकने के समय को ध्यान में रखकर खरीद शुरू करनी चाहिए. पिछले साल 22 सितंबर तक पंजाब में सिर्फ 10,392 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी. भारी बारिश और बाढ़ के कारण उस समय कम अवधि वाली किस्मों की फसल भी देर से तैयार हुई थी और मंडियों में धान की आवक कम रही थी. इस साल स्थिति अलग है. पंजाब में अब तक सामान्य से 37 फीसदी कम बारिश हुई है. लगातार बारिश का लंबा दौर नहीं आया, जिससे फसल के पकने में बड़ी रुकावट हो. ऐसे में जून में जल्दी रोपाई करने वाले किसानों की कम अवधि वाली धान की किस्में समय पर तैयार हो रही हैं.
किसानों का कहना है कि सरकार ने उन्हें 1 जून से धान की रोपाई करने की अनुमति दी है. ऐसे में कम अवधि वाली किस्में अक्टूबर से पहले ही तैयार हो रही हैं. लेकिन सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होने के कारण फसल तैयार होने और सरकारी खरीद के बीच कई दिन या हफ्तों का अंतर हो सकता है. धान की सरकारी खरीद के लिए 17 फीसदी नमी की सीमा तय है. किसानों का कहना है कि इस साल जल्दी तैयार हुई फसल के मामले में नमी कम होने से वजन घटने का खतरा है.