एग्रीवेट: उत्तराखंड में ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई अहम फैसले लिए हैं. राज्य में जिन किसानों की खेती, बागवानी और गन्ने की फसल को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है, उन्हें सरकार की ओर से अतिरिक्त आर्थिक मदद दी जाएगी. इसके अलावा, प्रभावित किसानों के बिजली बिल का भुगतान कुछ समय के लिए टालने और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के कर्ज की किस्त चुकाने के लिए तीन महीने की मोहलत दिलाने की भी पहल की गई है. सरकार का कहना है कि इन कदमों से किसानों को आर्थिक परेशानी से उबरने और खेती के अगले काम जारी रखने में मदद मिलेगी.
उत्तराखंड में ओलावृष्टि के कारण जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. सरकार के फैसले के अनुसार, खेती, बागवानी और गन्ने की फसल को हुए नुकसान के लिए किसानों को आपदा राहत के तय नियमों के तहत मिलने वाली राशि के बराबर अतिरिक्त मदद दी जाएगी. यानी किसानों को नियमों के अनुसार मिलने वाली सहायता के अलावा उतनी ही राशि अतिरिक्त रूप से देने का फैसला किया गया है.
इस मदद का मकसद उन किसानों को राहत देना है, जिनकी फसल खराब होने से कमाई पर असर पड़ा है. फसल को नुकसान होने पर किसानों को अगली फसल की तैयारी, बीज, खाद और खेती से जुड़े दूसरे कामों के लिए पैसों की जरूरत होती है. ऐसे में अतिरिक्त आर्थिक सहायता से उन्हें कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों पर बिजली बिल का बोझ कम करने के लिए भी सरकार ने कदम उठाया है. मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक, प्रभावित किसानों के अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर महीने के बिजली बिल का भुगतान टालने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी. फसल खराब होने के बाद किसानों के सामने कई तरह के खर्च होते हैं. वहीं, खेती के लिए बिजली का इस्तेमाल करने वाले किसानों को बिजली बिल भी भरना पड़ता है. ऐसे समय में बिल के भुगतान को कुछ समय के लिए टालने से किसानों को तुरंत पैसे जुटाने की चिंता से राहत मिल सकती है.
इस फैसले का उद्देश्य किसानों को आर्थिक दबाव से बचाना है, ताकि वे फसल को हुए नुकसान से उबरने के साथ-साथ अपनी खेती से जुड़े जरूरी काम भी कर सकें.
उत्तराखंड सरकार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC के कर्ज की किस्त चुकाने में भी राहत दिलाने की कोशिश कर रही है. इसके लिए केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा. पत्र के जरिए ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के KCC लोन की किस्त चुकाने की समय सीमा तीन महीने बढ़ाने की मांग की जाएगी. किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसान खेती के लिए जरूरी खर्चों को पूरा करने के लिए कर्ज लेते हैं. इस पैसे का इस्तेमाल बीज, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़े दूसरे कामों में किया जाता है. लेकिन जब ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदा से फसल खराब हो जाती है, तो किसानों की आमदनी प्रभावित होती है. ऐसे में समय पर कर्ज चुकाना उनके लिए मुश्किल हो सकता है.
अगर केंद्र सरकार की ओर से तीन महीने की मोहलत देने की मांग स्वीकार कर ली जाती है, तो प्रभावित किसानों को कर्ज की किस्त चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा. हालांकि, यह राहत केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगी.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. सरकार का उद्देश्य है कि फसल खराब होने से किसानों की आजीविका पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके और वे आने वाले महीनों में खेती से जुड़े काम जारी रख सकें.
उत्तराखंड सरकार के इन फैसलों से ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को कई तरह से राहत मिलने की उम्मीद है. फसल के नुकसान पर अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें खेती के जरूरी खर्च पूरे करने में मदद मिल सकती है. अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के बिजली बिल के भुगतान को टालने से उनके ऊपर तुरंत पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो सकता है. वहीं, KCC लोन की किस्त चुकाने के लिए तीन महीने की मोहलत मिलने से किसानों को अपनी आर्थिक स्थिति संभालने का समय मिल सकता है. हालांकि, इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी होगी. कुल मिलाकर, उत्तराखंड सरकार के इन कदमों का उद्देश्य ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने के बाद किसानों को आर्थिक सहारा देना और उन्हें अगली फसल की तैयारी करने में मदद करना है. गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर! गन्ने के दाम से लेकर तुलाई तक की जांच करेगी सरकार, बनाई गई समितिकिसान तक की मुहिम रंग लाई: MP में पैराक्वेट डाइक्लोराइड पर पाबंदी,स्टॉक होगा बर्बाद