एग्रीवेट: गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी और बकाया भुगतान को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है. भाकियू ने कार्यक्रम सूचना लेटर जारी करते हुए किसानों को लखनऊ स्थित गन्ना संस्थान में जुटने का आह्वान किया है. इस दौरान किसानों और मजदूरों की महापंचायत भी होगी. वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा ने भी किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है. दोनों संगठनों ने गन्ना मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल देने की मांग की है.
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय कार्यालय से जारी सूचना में किसानों और मजदूरों को 23 अक्तूबर को लखनऊ के गन्ना संस्थान में जुटने का आह्वान किया गया है. सूचना में कहा गया है कि गन्ना किसानों की समस्याओं, गन्ना मूल्य भुगतान, बकाया गन्ना मूल्य, गन्ना मूल्य में वृद्धि तथा अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर दिनांक लखनऊ में किसान-मजदूर महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है. इसमें सभी पदाधिकारियों को पहुंचना है और किसानों के हक में आवाज मजबूत करनी है.
महापंचायत में उत्तर प्रदेश के समस्त गन्ना उत्पादक जनपदों तथा राज्य राजधानी क्षेत्र से जुड़े जनपदों के किसान-मजदूर साथी भाग लेंगे और अपनी समस्याओं को मजबूती से उठाएंगे. महापंचायत के माध्यम से सरकार का ध्यान गन्ना किसानों की समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए उनके समाधान तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग की जाएगी. गन्ना फसल में टॉप बोरर कीट की वजह से नुकसान हुआ है. बीकेयू ने योगी सरकार से रात में 6 से 12 बजे बिजली सप्लाई देने की मांग की, जिसे कुछ इलाकों में अब तक पूरा नहीं किया गया है.
दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से भी 23 अक्तूबर को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया गया है. संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कहा गया है कि गन्ना मूल्य को बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल किया जा. जबकि, किसानों का कई मिलों पर अभी भी बकाया है, जिसका भुगतान नए पेराई से पहले किया जाए. कहा गया है कि 23 अक्तूबर को राज्यभर में जिलाधिकारी कार्यालयों में धरना प्रदर्शन किया जाएगा और जिलाधिकारियों के जरिए सीएम को ज्ञापन भेजे जाएंगे.
उत्तर प्रदेश में गन्ना पेराई 1 नवंबर से आमतौर पर हर चीनी मिल में शुरू हो जाती है. इस बार 20 अक्तूबर से गन्ना पेराई सत्र शुरू होने की संभावना है. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तारीख का ऐलान नहीं किया गया है. किसानों को उम्मीद है कि यूपी सरकार पेराई शुरू करने से पहले गन्ना मूल्य को बढ़ाएगी और बकाया भुगतान के निर्देश चीनी मिलों को दिए जाएंगे. हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से ये निर्देश नहीं मिलने से गन्ना किसानों में नाराजगी है.