एग्रीवेट: गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी और बकाया भुगतान को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने लखनऊ में सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया है. पहले से प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को रोकने के लिए लखनऊ प्रशासन ने गन्ना संस्थान में ताला लगा दिया, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों और किसानों के बीच कहासुनी हुई. राकेश टिकैत ने सरकार से गन्ना मूल्य बढ़ाने का अल्टीमेटम दिया है, उन्होंने जिला मुख्यालयों में भी किसानों को प्रदर्शन का आह्वान किया है. भाकियू के अयोध्या मंडल प्रभारी निसार मेहदी ने किसान इंडिया को बताया कि 5 हजार से ज्यादा किसानों ने लखनऊ में डेरा डाल दिया है और जब तक राकेश टिकैत या शीर्ष नेतृत्व आदेश नहीं करेगा किसान वापस नहीं जाएंगे.
भारतीय किसान यूनियन के उत्तर प्रदेश युवा अध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि गन्ना संस्थान में किसानों का शांतिपूर्वक प्रदर्शन पहले से प्रस्तावित था. जब राकेश टिकैत और अन्य किसान धरना स्थल पर पहुंचे तो प्रशासन ने गेट पर ताला जड़ दिया. अनजु सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि लखनऊ प्रशासन कान खोलकर सुन ले! गन्ना संस्थान, डालीबाग के गेट पर ताला लगाकर किसानों की महापंचायत रोकने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. चौधरी राकेश टिकैत जी गेट पर धरने पर बैठे हैं और महापंचायत निर्धारित स्थल पर ही होगी. प्रशासन तत्काल ताला खोलकर रास्ता साफ करे, अन्यथा कल से पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक किसान आंदोलन शुरू होगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी लखनऊ प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार की होगी. किसानों को रोकने की जिद छोड़ दें, वरना किसान अपनी ताकत से जवाब देंगे.
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय कार्यालय से जारी सूचना में किसानों और मजदूरों को 23 अक्तूबर को लखनऊ के गन्ना संस्थान में जुटने का आह्वान किया गया है. सूचना में कहा गया है कि गन्ना किसानों की समस्याओं, गन्ना मूल्य भुगतान, बकाया गन्ना मूल्य, गन्ना मूल्य में वृद्धि तथा अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर दिनांक लखनऊ में किसान-मजदूर महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है. इसमें सभी पदाधिकारियों को पहुंचना है और किसानों के हक में आवाज मजबूत करनी है.
महापंचायत में उत्तर प्रदेश के समस्त गन्ना उत्पादक जनपदों तथा राज्य राजधानी क्षेत्र से जुड़े जनपदों के किसान-मजदूर साथी भाग लेंगे और अपनी समस्याओं को मजबूती से उठाएंगे. महापंचायत के माध्यम से सरकार का ध्यान गन्ना किसानों की समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए उनके समाधान तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग की जाएगी. गन्ना फसल में टॉप बोरर कीट की वजह से नुकसान हुआ है. बीकेयू ने योगी सरकार से रात में 6 से 12 बजे बिजली सप्लाई देने की मांग की, जिसे कुछ इलाकों में अब तक पूरा नहीं किया गया है.
दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से भी 23 अक्तूबर को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया गया है. संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कहा गया है कि गन्ना मूल्य को बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल किया जा. जबकि, किसानों का कई मिलों पर अभी भी बकाया है, जिसका भुगतान नए पेराई से पहले किया जाए. कहा गया है कि 23 अक्तूबर को राज्यभर में जिलाधिकारी कार्यालयों में धरना प्रदर्शन किया जाएगा और जिलाधिकारियों के जरिए सीएम को ज्ञापन भेजे जाएंगे.
भारतीय किसान यूनियन ने पदाधिकारियों को लेटर जारी किया.
उत्तर प्रदेश में गन्ना पेराई 1 नवंबर से आमतौर पर हर चीनी मिल में शुरू हो जाती है. इस बार 20 अक्तूबर से गन्ना पेराई सत्र शुरू होने की संभावना है. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तारीख का ऐलान नहीं किया गया है. किसानों को उम्मीद है कि यूपी सरकार पेराई शुरू करने से पहले गन्ना मूल्य को बढ़ाएगी और बकाया भुगतान के निर्देश चीनी मिलों को दिए जाएंगे. हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से ये निर्देश नहीं मिलने से गन्ना किसानों में नाराजगी है.