एग्रीवेट: किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए गुवाहाटी एयरपोर्ट को अगरवुड से विकसित किया जाएगा: हिमंत
बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती तूफान 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है: IMD
MSEDCL ने पैसे लेकर 7 साल तक किसान को नहीं दिया सोलर पंप, उपभोक्ता आयोग ने सुनाया से फैसला – एग्रीवेट
सूखे के बीच किसानों को बचाने के लिए दूध की कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी: मुख्यमंत्री शिवकुमार
कर्नाटक में गन्ना किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया; जिला प्रशासन ने पाबंदियां लगाईं
डेरा बाबा नानक में खेत के मामूली विवाद में किसान की हत्या
मोगा में बेखौफ होकर खेतों में जलाई जा रही पराली, शाम ढलते ही कई गांवों में लगी आग
चंद्रपुर में बाघ का खूनी आतंक! एक ही दिन में दो किसानों की मौत
जालंधर में सरकार और प्रशासन की चेतावनी के बावजूद जलाई जा रही पराली
बठिंडा में पराली जलाने का सिलसिला थमने का नहीं ले रहा नाम
देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती सिस्टम में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके असर से नवंबर की शुरुआत में कई राज्यों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), प्रधानमंत्री Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (mal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारें ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार करने में आसानी) को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं.
भुवनेश्वर: (31 अक्टूबर) भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब और गहरा होकर ‘डिप्रेशन’ में बदल गया है. इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना है, जो 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है.
28 अक्टूबर को, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही मचाई थी. उस समय इसके टकराने (लैंडफॉल) के वक्त हवा की रफ्तार 150 किमी प्रति घंटा थी.
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा, “इस संभावित चक्रवाती तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 80 से 90 किमी प्रति घंटा रहने की संभावना है, और बीच-बीच में हवा के झोंके 100 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. यह मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है.”
बेंगलुरु, 31 अक्टूबर (PTI) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को बेलगावी में प्रदर्शन कर रहे गन्ना किसानों से अपील की कि वे गन्ने की कटाई फिर से शुरू करें. उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार चल रहे विरोध-प्रदर्शन से कामकाज बाधित हो सकता है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का बचाव किया. उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी था, खासकर तब जब राज्य भीषण सूखे की चपेट में है.
कर्नाटक कैबिनेट ने गुरुवार को सभी श्रेणियों में दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी.
शिवकुमार ने यहां पत्रकारों से कहा, “पड़ोसी राज्यों में कीमतें काफी ज्यादा हैं, और कर्नाटक के किसान अपना दूध उन राज्यों में भेज रहे थे। दूध की उपलब्धता भी कम हो रही है. सूखे के कारण दूध का उत्पादन घट गया है.”
बेलगावी/धारवाड़ (कर्नाटक), 31 अक्टूबर (पीटीआई) – गन्ने के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी की मांग को लेकर अपना आंदोलन तेज करते हुए, उत्तरी कर्नाटक के किसानों ने शनिवार को कई जगहों पर राजमार्गों को जाम कर दिया.
शनिवार को बेलगावी बस स्टैंड पर किसानों ने बसों के सामने बैठकर प्रदर्शन किया, जबकि धारवाड़ में किसानों ने सड़क जाम करने की कोशिश की.
सूत्रों के अनुसार, विजयपुरा और बागलकोट में भी आंदोलन हुआ.
गुरदासपुर के सीमावर्ती कस्बे डेरा बाबा नानक के थाना कोटली सूरत मल्ली के अंतर्गत आने वाले गांव संगतूवाल में आज शाम उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब दो किसान परिवारों के बीच खेत की मामूली मेड़ को लेकर हुए विवाद में एक परिवार के लोगों ने अपने ही पड़ोसी 55 वर्षीय पलविंदर सिंह पुत्र पूर्ण सिंह पर काहियों और तेजधार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी.
पराली जलाने को लेकर जहां एक तरफ प्रशासन सख्त नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ किसान बेखौफ होकर खेतों में पराली जला रहे हैं. मोगा जिले में शुक्रवार शाम ढलते ही कई गांवों में किसानों ने खेतों में पराली को आग लगा दी. मोगा जिले के गांव निधांवाला, सेलिना और सदासिंह वाला में कई खेतों में पराली जलाए जाने के मामले सामने आए हैं. शाम के समय खेतों में आग की लपटें साफ दिखाई दीं। गौरतलब है कि प्रशासन की ओर से लगातार किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है. प्रशासनिक अधिकारी गांवों और खेतों में जाकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण और इसके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दे रहे हैं.
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में आदमखोर बाघों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है… जंगल से सटे गांवों में अब खेतों में काम करना भी जानलेवा साबित हो रहा है. शुक्रवार को जिले के तीन अलग-अलग इलाकों में बाघ ने कहर बरपाया. दो किसानों को मौत के घाट उतार दिया, जबकि एक चरवाहे को गंभीर रूप से घायल कर दिया. वहीं, सिंदेवाही क्षेत्र में महज आठ दिनों के भीतर बाघ के हमले में यह तीसरी मौत बताई जा रही है. लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भारी दहशत है.
पंजाब में हर साल पराली को आग लगाने की कई घटनाएं सामने आई है. वहीं, सरकार और प्रशासन की ओर से पराली को आग न लगाने की अपील समय समय पर की जाती है. लेकिन अपील के बावजूद भी उसे नजरअंदाज कर किसानों द्वारा पराली को आग लगाई जा रही है और पराली जलने से प्रदूषण का स्तर ज्यादा बढ़ने से हवा में उसका दुष्प्रभाव भी बढ़ रहा है. ऐसा हो एक मामला जालंधर के गांव पूरनपुर में देखने को मिला है. जहां बीती 22 ओर 23 तारीख को पराली को आग लगाई गई और कई एकड़ जमीन पर पराली को जलाया गया, पराली को आग लगाने की इस घटना के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम भी नहीं उठाया गया है.
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में लोगों ने आसमान की ओर देखा तो नजारा कुछ अलग था. आसमान में छाए बादल लाल रंग में रंगे नजर आ रहे थे. ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने आसमान पर लाल रंग की चादर डाल दी हो. देखते ही देखते इस नजारे के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. आसमान का रंग क्यों बदला, इसकी असली वजह जानने के लिए मौसम विभाग या संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा.