एग्रीवेट: कर्नाटक में गन्ने का खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. शनिवार को बेलगावी, धारवाड़, विजयपुरा और बागलकोट समेत कई इलाकों में किसानों ने प्रदर्शन किया. कुछ जगहों पर किसानों ने बसों के सामने धरना दिया, तो कहीं सड़क जाम करने की कोशिश की. आंदोलन को देखते हुए बेलगावी और धारवाड़ जिला प्रशासन ने राजमार्गों पर प्रदर्शन और जाम लगाने पर रोक लगा दी है.
गन्ना किसान अपनी उपज का उचित दाम तय करने की मांग कर रहे हैं. उनकी प्रमुख मांग है कि गन्ने का खरीद मूल्य बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति टन किया जाए. इसके अलावा किसान फेयर एंड रेमुनरेटिव प्राइस (FRP) तय करने के लिए बेस रिकवरी को फिर से 9.5 प्रतिशत करने और केंद्र सरकार की इथेनॉल नीति की समीक्षा करने की मांग कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन गन्ने का उचित दाम नहीं मिल रहा. ऐसे में सरकार और चीनी मिलों को उनकी मांगों पर जल्द फैसला लेना चाहिए.
Cyclone Murasu: 120 KM की रफ्तार से टकराएगा तूफान! आंध्र प्रदेश समेत 5 राज्यों में बारिश का अलर्ट – एग्रीवेट
बेलगावी में किसानों ने आंदोलन के समर्थन में पूरे कर्नाटक में स्वैच्छिक बंद का आह्वान किया. कर्नाटक राज्य रैथा संघ और हसीरु सेना के मानद अध्यक्ष शशिकांत गुरुजी ने किसानों से गांवों, कस्बों और शहरों में बंद का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कन्नड़ फिल्म उद्योग के कलाकारों से भी किसानों के आंदोलन के समर्थन में आगे आने की मांग की. गुरुजी ने कहा कि अगर फिल्म जगत किसानों के साथ खड़ा नहीं होता है, तो किसान समुदाय सिनेमाघरों का बहिष्कार कर सकता है. उन्होंने दूध और सब्जियों जैसी जरूरी वस्तुओं की बिक्री रोककर बंद को समर्थन देने की भी अपील की. हालांकि, उन्होंने किसानों से आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने को कहा.
धारवाड़ जिले में किसानों ने निगाडी गांव के पास सड़क जाम कर सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया . इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और गन्ने का उचित मूल्य तुरंत घोषित करने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान किसान अपने साथ गाय के गोबर से भरी टोकरियां भी लेकर पहुंचे. उन्होंने इन्हें विरोध स्थल पर रखकर सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचने की कोशिश की. किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई चीनी मिलों का संबंध राजनेताओं से है और वे गन्ने के दाम बढ़ाने में रुकावट डाल रहे हैं.
विजयपुरा जिले के हिट्टिनहल्ली टोल गेट पर गन्ना किसानों ने अपनी उपज के लिए 5,500 रुपये प्रति टन के उचित मूल्य की मांग करते हुए प्रदर्शन किया. इस दौरान किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए राज्यव्यापी ‘कर्नाटक बंद’ का असर भी देखने को मिला. किसान हिट्टिनहल्ली टोल गेट के पास इकट्ठा हुए और प्रदर्शन करने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई. जैसे-जैसे प्रदर्शन ने जोर पकड़ा, दूसरे शहरों से आने वाले यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए पैदल चलना पड़ा.
मीडिया से बात करते हुए किसान नेता भाग्यरसा सन्नाडा ने कहा कि जब तक गन्ना किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि हम सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. राज्य और केंद्र, दोनों ही सरकारें गन्ना किसानों की उम्मीदों को पूरा करने में विफल रही हैं. इसलिए जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती, हम अपना विरोध जारी रखेंगे. सन्नाडा ने आगे कहा कि भले ही प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिली है, फिर भी किसान अपना आंदोलन जारी रखेंगे.
किसानों के हाईवे जाम करने के ऐलान के बाद बेलगावी जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रदर्शन और रास्ता रोकने पर प्रतिबंध लगा दिया है. जिलाधिकारी मोहम्मद रोशन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है. इसके तहत बेलगावी जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों, जिनमें NH-48 भी शामिल है, पर प्रदर्शन और जाम लगाने की अनुमति नहीं होगी.
इसके अलावा तीन टोल प्लाजा पर प्रदर्शन करने या उनके कामकाज में बाधा डालने पर भी रोक लगाई गई है. प्रशासन ने ट्रैक्टर या दूसरे वाहन खड़े करके राजमार्गों से जुड़ी सड़कों पर यातायात रोकने और सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. धारवाड़ के जिला प्रशासन ने भी पूरे जिले में इसी तरह की पाबंदियां लागू की हैं.
इससे करीब एक सप्ताह पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने किसानों और चीनी उद्योग के बीच बातचीत कराकर विवाद सुलझाने की कोशिश की थी. हालांकि, इसके बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है. शुक्रवार को शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर गन्ना किसानों की मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसानों की कई मांगें केंद्र सरकार के फैसलों से जुड़ी हुई हैं. इनमें गन्ने का दाम तय करने के लिए C2 लागत पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देने का फॉर्मूला लागू करना और FRP की बेस रिकवरी में बदलाव करना शामिल है. Copyright