हरियाणा में धान उठान में देरी से नाराज किसानों का प्रदर्शन, मंडियों में अब तक पहुंचा 7.35 लाख टन धान – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: हरियाणा में धान की सरकारी खरीद जारी है. अब तक राज्य की मंडियों में करीब 7.35 लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है. इसमें से 2.57 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है. हालांकि, इसके बावजूद भी प्रदेश कई जिलों में धान का उठान नहीं समय पर नहीं होने से किसानों में नाराजगी है. वे मंडी के बाहर प्रदर्शन भी कर रहे हैं. यमुनानगर जिले में धान का उठान नहीं होने से नाराज भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) से जुड़े किसानों ने व्यासपुर की अनाज मंडी के दोनों गेट बंद कर प्रदर्शन किया. किसानों ने मंडी से खरीदे गए धान का जल्द उठान कराने की मांग की.

किसानों का कहना है कि वे अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखने के लिए मंडी पहुंचे थे. लेकिन करीब दो घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. इसके बाद किसानों ने मंडी के गेट पर धरना शुरू कर दिया. करीब ढाई घंटे बाद अधिकारियों ने किसानों को उनकी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद किसानों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया.

BKU के जिला उपाध्यक्ष गुरमेज सिंह कपूर ने कहा कि धान की सरकारी खरीद शुरू हुए एक सप्ताह से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन मंडी से अब तक एक दाना भी नहीं उठाया गया है. किसानों का आरोप है कि सरकारी धान मंडी के शेड में रखा हुआ है. इससे किसानों को अपना धान खुले में रखना पड़ रहा है. बीती रात हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी. बारिश का पानी मंडी में रखे किसानों के कुछ धान पर भी चला गया, जिससे नुकसान हुआ. प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद व्यासपुर के एसडीएम डॉ. कुलदीप सिंह, डीएसपी और नायब तहसीलदार मंडी पहुंचे. एसडीएम ने किसानों की समस्याएं सुनीं और उन्हें जल्द समाधान का भरोसा दिलाया. अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया.

वहीं, सरकारी खरीद प्रक्रिया 15 नवंबर तक चलेगी. सरकार के मुताबिक, किसानों को सामान्य धान के लिए 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिल रहा है. किसानों की सुविधा और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी मंडियों और खरीद केंद्रों में जियो-फेंसिंग की व्यवस्था की गई है. इससे खरीद प्रक्रिया पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी. ऐसे केंद्र सरकार ने हरियाणा से 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है. इसके अलावा 32.5 लाख मीट्रिक टन कस्टम मिल्ड राइस (CMR) भारतीय खाद्य निगम (FCI) को देने का लक्ष्य है. इसमें 10 फीसदी टूटे चावल की अनुमति होगी.

किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडियों और खरीद केंद्रों पर जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की है. धान में नमी की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन पहले ही कदम उठा चुका है. कई जिलों में धान की कटाई को लेकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की गई है. इसका उद्देश्य धान की कटाई को नियंत्रित करना और खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना है.

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