एग्रीवेट: Cotton Procurement Gujarat: गुजरात के कपास किसानों के लिए आगामी खरीद सीजन से पहले एक जरूरी काम सामने आया है. अगर किसान अपनी कपास की फसल सरकारी व्यवस्था के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर बेचना चाहते हैं, तो उन्हें पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इसके लिए राज्य सरकार ने ‘कपास किसान’ मोबाइल ऐप शुरू किया है. किसानों को इसी ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा और इसकी आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है. ऐसे में किसानों के लिए बेहतर होगा कि वे, अंतिम दिन का इंतजार न करें और समय रहते ऐप पर अपनी जानकारी दर्ज कर दें.
सरकार की ओर से MSP पर कपास की खरीद कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) के जरिए की जाएगी. इस बार खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है. ‘कपास किसान’ ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन होने से किसानों की जानकारी पहले से सरकारी व्यवस्था में दर्ज हो जाएगी. इस ऐप पर किसानों को खरीद केंद्रों, खरीद की तारीख और समय से जुड़ी जरूरी जानकारी भी मिल सकेगी. इससे खरीद केंद्रों पर भीड़ और लंबे समय तक इंतजार जैसी परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है.
सरकार ने कपास की अलग-अलग किस्म के हिसाब से MSP तय किया है. लॉन्ग स्टेपल कपास के लिए MSP 8,667 रुपये प्रति क्विंटल है. वहीं मीडियम स्टेपल कपास का MSP 8,267 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. अगर किसान CCI की सरकारी खरीद व्यवस्था में अपनी उपज बेचना चाहते हैं, तो उन्हें तय प्रक्रिया के मुताबिक रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा.
गुजरात में किसानों को कपास की पैदावार बढ़ाने और खेती में नई तकनीक अपनाने के लिए भी मदद दी जा रही है. इसके लिए ‘कपास उत्पादकता मिशन’ के तहत चालू वर्ष में गुजरात के लिए 134.80 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है. इस योजना के तहत राज्य के 21 कपास उत्पादक जिलों में एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र को शामिल करने का लक्ष्य है. पात्र किसानों को खेती की अलग-अलग तकनीक अपनाने पर इनपुट सहायता दी जाएगी.
कपास की बुवाई के लिए कम दूरी रखने वाले किसानों को भी सरकार से आर्थिक मदद मिलेगी. 90 सेंटीमीटर x 30 सेंटीमीटर की दूरी पर कपास बोने वाले किसानों को 14,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी. वहीं, फसल की अच्छी देखभाल के लिए बताए गए तरीके से खेती करने वाले किसानों को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे. इसके लिए कपास की बुवाई 90 सेंटीमीटर x 60 सेंटीमीटर की दूरी पर करनी होगी.
एक किसान को एक साल में ज्यादा से ज्यादा 2 हेक्टेयर जमीन के लिए ही यह मदद मिलेगी. इस मदद के लिए किसान को सरकार से मंजूर कपास की किस्म या बीटी कपास का मान्य बीज इस्तेमाल करना होगा. साथ ही उसका किसान रजिस्ट्रेशन भी पूरा होना जरूरी है.