कीटनाशक का खर्च होगा कम! किसानों को सिर्फ 204 रुपये में मिलेगा सोलर लाइट ट्रैप, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: Solar Light Trap for Farmers: फसल में कीट लगने पर किसानों को अक्सर महंगे कीटनाशकों का सहारा लेना पड़ता है. इससे खेती की लागत बढ़ती है और मुनाफे पर असर पड़ता है. ऐसे में सोलर लाइट ट्रैप किसानों के लिए उपयोगी विकल्प बन सकता है. यह उपकरण रात में रोशनी की ओर आकर्षित होने वाले उड़ने वाले कीटों को पकड़ने में मदद करता है. खास बात यह है कि पंजीकृत किसानों को यह उपकरण 204 रुपये के कृषक अंश पर उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके लिए किसान अपने ब्लॉक की कृषि रक्षा इकाई से संपर्क कर सकते हैं.

सोलर लाइट ट्रैप  में लगी सोलर प्लेट दिन के समय सूर्य की रोशनी से बैटरी चार्ज करती है. शाम होने के बाद इसमें लगी लाइट अपने आप जलने लगती है. रात के समय कई उड़ने वाले कीट रोशनी की तरफ आकर्षित होते हैं और ट्रैप के आसपास पहुंचते हैं. उपकरण के नीचे एक ट्रे लगी होती है, जिसमें पानी या विभाग की सलाह के अनुसार पानी का मिश्रण रखा जा सकता है. रोशनी की ओर आकर्षित होकर आने वाले कीट ट्रे में गिरकर फंस जाते हैं. इस तरह रात में सक्रिय रहने वाले कई उड़ने वाले कीटों को पकड़ने में मदद मिलती है.

सर्दियों की शुरुआत में फसलों पर माहू और चेपा जैसे कीटों का प्रकोप किसानों के लिए परेशानी  का कारण बन सकता है. कीटों के नियंत्रण के लिए बार-बार कीटनाशकों का इस्तेमाल करने से खेती की लागत बढ़ जाती है. सोलर लाइट ट्रैप का इस्तेमाल करने से खेत में मौजूद उड़ने वाले कीटों की संख्या को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 60 से 70 प्रतिशत तक कीट ट्रैप में फंस सकते हैं. इससे कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, उपकरण को कीट प्रबंधन की पूरी व्यवस्था के बजाय एक सहायक उपाय के रूप में इस्तेमाल करना बेहतर है.

जिन खेतों में उड़ने वाले कीटों का प्रकोप  अधिक है, वहां किसान करीब 3 से 4 सोलर लाइट ट्रैप प्रति एकड़ लगाने पर विचार कर सकते हैं. उपकरण को खेत में ऐसी जगह लगाना चाहिए, जहां उसकी रोशनी आसपास के क्षेत्र में प्रभावी रूप से दिखाई दे. इसकी एक बड़ी खासियत यह है कि इसे चलाने के लिए अलग से बिजली कनेक्शन की जरूरत नहीं होती. सोलर प्लेट दिन में बैटरी चार्ज करती है और रात में उसी ऊर्जा से लाइट चलती है. इससे बिजली के खर्च से भी बचत होती है.

किसानों के लिए इस सुविधा की खास बात यह है कि पंजीकृत किसानों  को 204 रुपये के कृषक अंश पर सोलर लाइट ट्रैप उपलब्ध कराया जा रहा है. इच्छुक किसान अपने ब्लॉक की कृषि रक्षा इकाई से संपर्क कर उपकरण प्राप्त करने की प्रक्रिया और उपलब्धता की जानकारी ले सकते हैं. जिन किसानों का कृषि विभाग में पंजीकरण नहीं है, वे नजदीकी लोकवाणी केंद्र या जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं. इसके लिए किसान अपने खतौनी, आधार कार्ड और बैंक पासबुक जैसे जरूरी दस्तावेज तैयार रखें. पंजीकरण और उपकरण लेने से पहले किसान अपने क्षेत्र के कृषि विभाग से पात्रता और वर्तमान उपलब्धता की जानकारी जरूर ले लें.

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