एग्रीवेट: VB G RAM G Scheme: केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 375 तरह के कामों की नई सूची तैयार की है. इन कामों का मकसद सिर्फ गांवों में रोजगार देना नहीं, बल्कि ऐसे स्थायी काम तैयार करना भी है, जिनसे किसानों, मजदूरों और ग्रामीण परिवारों को लंबे समय तक फायदा मिल सके. नई सूची में पानी बचाने, खेती को मजबूत करने, गांवों की सुविधाएं बढ़ाने और बाढ़ जैसी आपदाओं से बचाव पर खास ध्यान दिया गया है. पहले के मुकाबले कामों की संख्या करीब 41 फीसदी बढ़ाई गई है.
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (VB-G RAM G) ग्रामीण अधिनियम, 2025 के तहत इन कामों की नई सूची बनाई गई है. इन्हें चार मुख्य हिस्सों में रखा गया है. सबसे ज्यादा 128 काम पानी की सुरक्षा से जुड़े हैं. इसके बाद 111 काम गांव की बुनियादी सुविधाओं के लिए, 98 काम आजीविका बढ़ाने के लिए और 38 काम बाढ़, जंगल की आग व दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए हैं.
नई व्यवस्था में खेती-किसानी को भी काफी अहमियत दी गई है. कुल 181 काम खेती और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए रखे गए हैं. इनमें ऐसे काम भी शामिल हैं, जिनका सीधा फायदा ग्रामीण परिवारों को मिल सकता है. कृषि उपज को संभालने और बाजार तक पहुंचाने के लिए अनाज की सफाई, ग्रेडिंग और पैकिंग यूनिट, छोटी आटा मिल और मंडी से जुड़ी सुविधाएं बनाई जा सकेंगी. इसके अलावा डेयरी ढांचा, मशरूम शेड और मछली पालन से जुड़ी संरचनाएं भी तैयार की जा सकेंगी.
पानी की कमी और बारिश के पानी को बचाने पर नई व्यवस्था में खास जोर है. इसके तहत चेक डैम, रिचार्ज शाफ्ट, नहरों और नदियों की सफाई जैसे काम किए जा सकेंगे. जलभराव वाली जमीन को सुधारने और बारिश के पानी को जमा करने के इंतजाम भी किए जाएंगे. किसानों के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सिंचाई सुविधाओं को भी इस सूची में शामिल किया गया है. कुछ खास इलाकों में पानी बचाने के लिए कृत्रिम ग्लेशियर जैसे उपाय भी किए जा सकेंगे.
नई सूची में गांवों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कई काम भी शामिल हैं. सोलर स्ट्रीट लाइट, कचरा रिसाइकिल करने वाले प्लांट और गंदे पानी के उपचार की व्यवस्था बनाई जा सकेगी. इसके अलावा ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सा केंद्र, पुस्तकालय और कॉमन सर्विस सेंटर बनाए जा सकेंगे. सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कमरे और लैब तैयार करने का काम भी कराया जा सकेगा. जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की सप्लाई व्यवस्था की मरम्मत और रखरखाव भी इसमें शामिल है.
पहली बार खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए अलग श्रेणी बनाई गई है. इसमें 38 तरह के काम शामिल हैं. बाढ़ से बचने के लिए राहत केंद्र, बांध और तटबंध मजबूत करने जैसे काम किए जा सकेंगे. आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों और दूसरी सामुदायिक सुविधाओं की मरम्मत भी कराई जा सकेगी. जंगल की आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम भी इस व्यवस्था का हिस्सा होंगे.
नई सूची में स्वयं सहायता समूहों यानी SHG को मजबूत करने के काम भी शामिल हैं. इनके लिए वर्कशेड और SHE Marts जैसी सुविधाएं तैयार की जा सकेंगी. प्रशिक्षण और कौशल विकास केंद्र बनाने का भी प्रावधान है. मंत्रालय के अनुसार, 107 काम कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए रखे गए हैं. इनमें 68 ऐसे काम हैं, जिनका सीधा फायदा व्यक्तिगत लाभार्थियों को मिल सकता है. महिलाओं और युवाओं से जुड़े 36-36 काम भी सूची में शामिल किए गए हैं.