एग्रीवेट: महाराष्ट्र सरकार ने कम बारिश और लंबे सूखे के कारण राज्य के 358 में से 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है. राज्य का कुल 74 फीसदी हिस्सा सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. सोयाबीन, कपास, मूंग समेत अन्य फसलें चौपट हो गई हैं. पशुओं के लिए चारे का संकट भी खड़ा हो गया है. बीड जिले में फसलों का निरीक्षण करने पहुंचीं महाराष्ट्र सरकार की पशुपालन मंत्री पंकजा मुंड ने कहा कि हमने पहले भी किसानों का 32 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया है और अब हम किसानों की दीवाली काली नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि किसानों को जल्द मुआवजा और राहत राशि जारी की जाएगी.
महाराष्ट्र सरकार में पशुपालन मंत्री पंकजा मुंडे ने अपने गृह जिले बीड के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने कहा कि मैंने बीड तालुका के काकधीर फाटा, मुर्शिदपुर फाटा राजुरी और वंजारवाड़ी फाटा में खेतों का दौरा करके फसलों का निरीक्षण किया, क्योंकि वहां सूखे जैसे हालात हैं. मैंने बारिश की कमी से खेती की फसलों को हुए नुकसान और किसान भाइयों के सामने आ रही समस्याओं का खुद जायजा लिया.
बीड जिले को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है और यहां की 11 तहसीलों को सूखा की चपेट में माना गया है. मॉनसून के दौरान कम बारिश होने से सोयाबीन जैसी फसलों की खेती प्रभावित हुई है. किसानों का कहना था कि फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. महाराष्ट्र सरकार ने सूखे की स्थिति से निपटने के लिए कई उपायों की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि है, जिनमें ज्यादातर तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करना भी शामिल है.
पशुपालन मंत्री ने मीडिया से कहा कि राज्य सरकार पहले ही 32,000 करोड़ रुपये की फसल ऋण माफी की घोषणा कर चुकी है. पहली बार राज्य सरकार ने किसानों को मुआवजा देने के तय फॉर्मूले से अधिक मुआवजे की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि है. मुख्यमंत्री फडणवीस किसानों की दिवाली खुशहाल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने सूखा पीड़ित किसानों को भरोसा दिलाया कि देवेंद्र फडणवीस सरकार उनकी दिवाली खुशहाल बनाएगी. उन्होंने फसल के नुकसान के बीच किसानों को अधिक मदद देने का भरोसा दिया है.
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुलढाणा जिले का दौरा किया. उन्होंने कहा कि यहां पर सोयाबीन, कपास और अरहर जैसी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं. मैं यहां यह पक्का करने आया हूं कि इसके लिए सही सर्वे और नुकसान का आकलन किया जा रहा है. हमारे सभी प्रतिनिधि, स्थानीय पंचायत स्तर से लेकर संसद तक सीधे किसानों के खेतों में मौजूद हैं. मुख्यमंत्री खुद यहां आए और 265 तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित किया. उन्होंने कहा कि किसानों के नुकसान की भरपाई सरकार करेगी.