एग्रीवेट: भारत और स्विट्जरलैंड के रिश्तों में इस बार कूटनीति के साथ भारतीय स्वाद की भी खास झलक देखने को मिली. राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें तीन खास भारतीय चीज भेंट किए. इन चीज की पहचान उनके स्वाद के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मिली पहचान से भी जुड़ी है. इसके अलावा कश्मीर की नक्काशीदार अखरोट लकड़ी का पैनल भी तोहफे में दिया गया. दोनों देशों के बीच कृषि और संबद्ध उत्पादों का कारोबार भी कई श्रेणियों में फैला हुआ है.
गुलमर्ग एक फ्रांसीसी शैली का ब्री चीज है. यह नरम और क्रीमी होता है और इसे ताजा गाय के दूध से बनाया जाता है. इसका आकार दिल जैसा है और ऊपर सफेद परत होती है. इसके स्वाद और खुशबू में मिट्टी और मशरूम जैसी खासियत महसूस होती है. गुलमर्ग की सबसे बड़ी खासियत इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान है. इसे 2026 में ब्राजील में हुई मुंडियल डू केजो प्रतियोगिता में सुपर गोल्ड पुरस्कार मिला था. इसी उपलब्धि ने इसे भारतीय चीज की खास पहचान बनाने में मदद की है.
कोणार्क फ्रांसीसी टोम शैली का चीज है. इसकी बाहरी परत प्राकृतिक और थोड़ी खुरदरी होती है. इसका स्वाद हल्का, मिट्टी जैसा और थोड़ा नमकीन होता है. खाने के बाद इसमें नींबू जैसा स्वाद भी महसूस होता है. कोणार्क ने 2023 में नॉर्वे में आयोजित वर्ल्ड चीज अवॉर्ड्स में गोल्ड पुरस्कार जीता था. इसके बाद 2025 में स्विट्जरलैंड में आयोजित प्रतियोगिता में इसे सिल्वर पुरस्कार मिला. यानी कोणार्क ने अलग-अलग देशों में भारतीय चीज की गुणवत्ता को पहचान दिलाई है.
येऊर पहाड़ी शैली का चीज है. इसे स्विस ग्रुइयर चीज से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया है. इसे करीब आठ से नौ महीने तक पकाया जाता है. लंबे समय तक पकने के कारण इसमें मेवेदार, हल्का मीठा और जड़ी-बूटियों जैसा स्वाद आता है. इस चीज की एक खास बात यह भी है कि इसकी बाहरी परत पर गुलाब की पंखुड़ियां और सौंफ लगाई जाती है. इससे इसमें भारतीय स्वाद और पहचान जुड़ जाती है. यह आसानी से पिघलता है, इसलिए इसे फोंड्यू और ग्रिल किए गए व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है.
चीज के अलावा प्रधानमंत्री मोदी (प्रधानमंत्री Modi) ने स्विस राष्ट्रपति को कश्मीर की अखरोट की लकड़ी से बना हाथ से नक्काशी किया हुआ दीवार पैनल भी दिया. इस पर कश्मीरी जीवन की झलक दिखाई गई है. इसमें पेड़-पौधे, प्राकृतिक दृश्य, इंसान, घोड़े, गाड़ियां और गांव से जुड़े चित्र बनाए गए हैं. वहीं, स्विस राष्ट्रपति की पत्नी कैरोलिन पार्मेलिन को कच्छी शॉल भेंट की गई. इसे सूरत के सादेली बॉक्स में रखा गया था. कच्छी शॉल गुजरात की पारंपरिक बुनाई को दिखाती है, जबकि सादेली बॉक्स अपने सुंदर और बारीक ज्यामितीय डिजाइन के लिए जाना जाता है. इस तरह इन तोहफों में भारत के अलग-अलग हिस्सों का स्वाद, कला और परंपरा दिखाई दी.
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच कृषि एवं संबद्ध उत्पादों का कारोबार कई श्रेणियों में फैला हुआ है. भारत से स्विट्जरलैंड को कॉफी, मसाले, दालें, ताजे फल, प्रोसेस्ड फल व जूस, मूंगफली, प्रोसेस्ड सब्जियां, बासमती चावल, आयुष एवं हर्बल उत्पाद और समुद्री उत्पाद निर्यात किए जाते हैं. वहीं, स्विट्जरलैंड से भारत में वनस्पति तेल, तेल खली, कच्चा कपास (वेस्ट सहित), तैयार तंबाकू, कोको उत्पाद और अन्य प्रोसेस्ड आइटम आयात किए जाते हैं.