केंद्र सरकार ने लॉन्च किया पशुधन बीमा पोर्टल, किसानों को बीमा नामांकन से लेकर दावा निपटान तक मिलेगी डिजिटल सुविधा – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: 29 सितंबर 2026, नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने लॉन्च किया पशुधन बीमा पोर्टल, किसानों को बीमा नामांकन से लेकर दावा निपटान तक मिलेगी डिजिटल सुविधा – भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने सोमवार को पशुधन बीमा पोर्टल  ( लॉन्च किया। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) की पशुधन बीमा गतिविधि के तहत देश भर में पशुधन बीमा वितरण में बदलाव लाना है।

केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, बीमा कंपनियों और क्षेत्रीय हितधारकों की उपस्थिति में पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके अलावा 4,000 से अधिक प्रतिभागी ऑनलाइन शामिल हुए।

पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार ने पशुधन बीमा योजना की रूपरेखा, प्रीमियम दरों, किसानों के योगदान और योजना के अन्य पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस साल अब तक 30 लाख से अधिक पशुओं का बीमा किया जा चुका है। राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने खेती-बाड़ी में बनी रहने वाली अनिश्चितताओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने उम्मीद जताई कि नया पशुधन बीमा पोर्टल किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पशुधन लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए आय और आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने कहा कि समय पर और किफायती बीमा सुरक्षा किसानों को पशुओं की मौत, बीमारी के प्रकोप, दुर्घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य अप्रत्याशित जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाती है। उन्होंने किसानों को योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर जोर दिया। साथ ही बीमा कंपनियों, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित भागीदारों से अपने सोशल मीडिया और आईईसी अभियानों के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया।

नया पशुधन बीमा पोर्टल पॉलिसी जारी करने, प्रीमियम प्रबंधन, दावा प्रसंस्करण, लाभार्थी सत्यापन और रियल-टाइम निगरानी के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। यह पोर्टल किसानों, राज्य सरकारों, बीमा कंपनियों और लागू करने वाली एजेंसियों को एक पारदर्शी और तकनीक आधारित प्लेटफॉर्म पर जोड़ता है।

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