नेचुरल फार्मिंग की पढ़ाई करेंगे देश के छात्र: ICAR ला रहा PG-PhD कोर्स, विशेषज्ञों से मांगे सुझाव – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: 08 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: नेचुरल फार्मिंग की पढ़ाई करेंगे देश के छात्र: ICAR ला रहा PG-PhD कोर्स, विशेषज्ञों से मांगे सुझाव – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के कृषि शिक्षा प्रभाग ने नेचुरल फार्मिंग में प्रस्तावित पोस्ट ग्रेजुएट (PG) और PhD कार्यक्रमों को लेकर उद्योग विशेषज्ञों और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ विचार-विमर्श किया। बैठक की अध्यक्षता कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने की।

डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि प्रस्तावित पोस्ट-ग्रेजुएशन और पीएचडी कार्यक्रम भविष्य की जरूरतों के अनुरूप, वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक और किसानों, उद्योग व समाज से जुड़े होने चाहिए। उन्होंने पाठ्यक्रम में नेचुरल फार्मिंग से जुड़े उभरते क्षेत्रों को शामिल करने की जरूरत बताई। इनमें जैविक इनपुट, मिट्टी का स्वास्थ्य, प्रमाणन, वैल्यू चेन, मार्केटिंग, डिजिटल तकनीक और उद्यमिता जैसे विषय शामिल हैं। इसके साथ ही रासायनिक-मुक्त खेती की अलग-अलग धाराओं को लेकर छात्रों के बीच वैचारिक स्पष्टता विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

गुजरात नेचुरल फार्मिंग साइंस यूनिवर्सिटी (GNFSU) के कुलपति और सिलेबस फॉर्मुलेशन कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सी. के. तिंबाडिया और ICAR के सहायक महानिदेशक (EQAR) डॉ. ए. एस. यादव ने प्रस्तावित M.Sc. और PhD पाठ्यक्रम प्रस्तुत किए। उन्होंने बैठक में शामिल विशेषज्ञों और हितधारकों से पाठ्यक्रम को लेकर सुझाव और प्रतिक्रिया मांगी।

बैठक की शुरुआत में आईसीएआर के उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. यशपाल सिंह मलिक ने नेचुरल फार्मिंग के लिए बहुविषयक, दक्षता आधारित और उद्योग केंद्रित पाठ्यक्रम विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेचुरल फार्मिंग के क्षेत्र में उभरते अवसरों के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए। बैठक के अंत में उद्योग विशेषज्ञों और शैक्षणिक क्षेत्र के हितधारकों ने अपने सुझाव और इनपुट दिए। इन सुझावों का उद्देश्य नेचुरल फार्मिंग में प्रस्तावित पीजी और पीएचडी कार्यक्रमों को समय पर अंतिम रूप देने और लागू करने में मदद करना है।

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