हरियाणा में नकली पनीर पर बड़ी कार्रवाई, एक महीने में 10 हजार किलो से ज्यादा माल नष्ट, इस बड़े खुलासे से मचा हड़कंप – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: हरियाणा के मेवात इलाके में नकली और मिलावटी पनीर के खिलाफ पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. पिछले एक महीने में 10 हजार किलो से ज्यादा नकली पनीर जब्त कर नष्ट किया गया है. त्योहारों के सीजन को देखते हुए नकली पनीर बनाने का कारोबार बढ़ने की आशंका के बीच अधिकारियों ने छापेमारी तेज कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, पिछले एक महीने में करीब 50 जगहों पर छापेमारी की गई है. यह कार्रवाई खास तौर पर बिछोर और पुन्हाना थाना क्षेत्रों में की गई. रोजका मेव, गौधोला, लुहिंगा कलां और तिरवाड़ा गांव नकली पनीर बनाने के प्रमुख केंद्र के रूप में सामने आए हैं.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि नकली पनीर का कारोबार अब सिर्फ नूंह जिले तक सीमित नहीं है. पड़ोसी पलवल जिले के कई गांवों में भी इसके उत्पादन के ठिकाने सामने आए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, नकली पनीर बनाने वाले पहले सस्ते मिल्क पाउडर और सोया जैसे सामान का इस्तेमाल करते थे. अब पनीर की मात्रा बढ़ाने के लिए डिटर्जेंट और यहां तक कि मेलामाइन जैसे पदार्थों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है.

हालिया कार्रवाई में रोजका मेव के पास एक पिकअप वाहन को रोककर 500 किलो मिलावटी पनीर जब्त किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, यह पनीर बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था. त्योहारों के दौरान पनीर की मांग बढ़ने को देखते हुए ऐसे मामलों पर निगरानी और कार्रवाई बढ़ाई गई है. नूंह के लुहिंगा कलां में नकली पनीर बनाने के मामले में हाल ही में दर्ज एक आरोपी के भाई के मुताबिक, त्योहारों के सीजन में यह कारोबार तेजी से बढ़ जाता है. नकली पनीर को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने के लिए KMP एक्सप्रेसवे और NCR के सड़क नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है.

उसके मुताबिक, सोया से बनाया जाने वाला नकली पनीर सबसे ज्यादा बिकने वाला उत्पाद है. इसे सिर्फ छोटे सड़क किनारे ढाबों तक ही नहीं, बल्कि कुछ जाने-माने रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों में भी सप्लाई किया जाता है. उसने दावा किया कि कुछ बड़े और महंगे रिहायशी इलाकों में यही पनीर स्थानीय बाजारों में ‘ऑर्गेनिक’ बताकर भी बेचा जाता है.

अधिकारियों के मुताबिक, नकली पनीर की सप्लाई का नेटवर्क नूंह से आगे जयपुर, मथुरा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली तक फैला हुआ है. त्योहारों के सीजन में यह पनीर छोटे रेस्टोरेंट, ढाबों और मिठाई की दुकानों तक पहुंचाया जाता है. पुलिस ने त्योहारों से पहले नकली पनीर की बढ़ती मांग को देखते हुए कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि त्योहारों के दौरान पनीर से बनी मिठाइयों और दूसरी डिश की मांग बढ़ जाती है. इसी वजह से यह अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पूरे महीने लगभग रोजाना छापेमारी की गई है. पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें नकली और मिलावटी पनीर बनाने और सप्लाई करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं.

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