प्रतापगढ़ के आंवला की धूम, महिलाएं कैंडी और अचार-मुरब्बा बनाकर दिला रहीं नई पहचान, इस बड़े खुलासे से मचा हड़कंप – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में किसान आंवला की जमकर खेती करते हैं. इसे राज्य सरकार की पहल के तहत वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद (ODOP) में शामिल किया गया है. यहां के आंवला को पहले से ही देशभर में सप्लाई किया जा रहा है. जबकि, अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस आंवला के उत्पाद जैसे अचार, मुरब्बा, च्वयवनप्राश, जूस बनाकर बिक्री कर रही हैं. प्रवासी भारतीय भी इसे खूब पसंद कर रहे हैं, जिसकी वजह से वे अपने साथ आंवला उत्पादों को विदेशों में ले जाते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतापगढ़ के आंवला और यहां की महिलाओं की मेहनत को अपने मन की बात कार्यक्रम में सराहा.

पीएम मोदी ने कहा कि आंवला हम सभी के लिए बहुत जाना-पहचाना है. ज्यादातर घरों में इससे बने आचार और मुरब्बे का प्रयोग होता है. बहुत से लोग आंवले का जूस पसंद करते हैं और सर्दियों में च्यवनप्राश हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन जाता है. हमारे बड़े-बुजुर्ग तो पीढ़ियों से आंवले के गुणों के बारे में बताते आए हैं. उन्होंने कहा कि यही आंवला आज उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में नई संभावनाओं का माध्यम बन रहा है.

पीएम ने कहा कि प्रतापगढ़ और आंवले का रिश्ता बहुत पुराना है. पीढ़ियों से यहां के किसान आंवले की खेती कर रहे हैं. आंवले ने प्रतापगढ़ को एक मजबूत पहचान दी है और अब यही पुरानी पहचान यहां के किसानों और महिलाओं के लिए नए अवसर लेकर आ रही है. वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद (ODOP) के माध्यम से यहां आंवले से जुड़े स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा मिला है. आज प्रतापगढ़ में आंवला प्रॉसेसिंग से जुड़ी करीब 100 यूनिट काम कर रही हैं, और इसमें स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं.

ऐसा ही एक समूह है – देवगढ़ कमासी गांव का. सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह इससे जुड़ी महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस बना रही हैं. वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद (ODOP) के तहत नए बाजारों तक पहुंच बढ़ने से उनकी कमाई में भी बढ़ोत्तरी हुई है. इसी तरह एक गांव में विंध्यवासिनी स्वयं सहायता समूह है. इस ग्रुप की महिलाएं आंवले का आचार, digestive powder ऐसी कई चीजें तैयार कर रही हैं. इन महिलाओं को प्रॉसेसिंग के लिए मशीनरी मिली, लोन की सुविधा मिली. स्थानीय व्यापार मेले से जुड़ने का अवसर भी मिला और देखते-ही-देखते उनकी आय काफी बढ़ गई.

प्रतापगढ़ का मशहूर आंवला किसानों और स्वयं-सहायता समूहों में काम करने वाली महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।

आज प्रतापगढ़ में आंवला processing से जुड़ी करीब 100 units काम कर रही हैं और इसमें Self-Help Groups से जुड़ी महिलाएं भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं।

हमारे देश के हर क्षेत्र में ऐसी कोई-ना-कोई विशेषता जरूर है. कहीं कोई खास फल है, कहीं कोई पारंपरिक कला है, तो कहीं कोई अनोखा हुनर है. One District One Product इन्हीं विशेषताओं को आगे बढ़ाने का अभियान है. हमारा प्रयास यही होना चाहिए कि हमारे गांव और छोटे शहरों की ये पहचान सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित ना रहे. वे देश और दूसरे हिस्सों तक पहुंचे और दुनिया के बाजारों तक भी पहुंचे. इससे Vocal for Local अभियान को भी बल मिलता है. ये देश को आत्मनिर्भर बनाने की भी प्रेरणा देता है. आने वाले त्योहारों में भी हमें Vocal for Local वाले मंत्र को तो कभी भी भूलना नहीं है.

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