एग्रीवेट: प्रधानमंत्री Kisan Maandhan Yojana: केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (प्रधानमंत्री-KMY) छोटे और सीमांत किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई पेंशन योजना है. इस योजना में पात्र किसानों को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने 3,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन देने का प्रावधान है. हालांकि, योजना का लाभ हर किसान को नहीं मिलता. सरकार ने पात्रता के लिए जमीन, आय और पद से जुड़े कई नियम तय किए हैं. इन शर्तों को पूरा नहीं करने वाले किसानों का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता. ऐसे में आवेदन करने से पहले किसानों के लिए योजना के जरूरी नियमों को समझना महत्वपूर्ण है.
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में जमीन के मालिकाना हक से जुड़ी शर्त सबसे महत्वपूर्ण है. योजना के नियमों के अनुसार, पात्र किसान का नाम 1 अगस्त 2019 तक राज्य के राजस्व रिकॉर्ड, जैसे खसरा-खतौनी में दर्ज होना चाहिए. इसका मतलब है कि योजना के लिए जमीन का रिकॉर्ड निर्धारित कट-ऑफ डेट से पहले किसान के नाम होना जरूरी है. अगर किसी व्यक्ति के नाम पर कृषि भूमि का हस्तांतरण 1 अगस्त 2019 के बाद हुआ है, तो वह किसान इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जाएगा. इसलिए जमीन खरीदने, विरासत में मिलने या किसी अन्य तरीके से भूमि का नामांतरण होने की स्थिति में किसान को कट-ऑफ डेट से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी जरूर देखनी चाहिए.
यह योजना मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए है. इसलिए जिन किसानों के पास 2 हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि है, उन्हें मानधन योजना के दायरे से बाहर रखा गया है. 2 हेक्टेयर जमीन लगभग 5 एकड़ के बराबर होती है. इसके अलावा, संस्थागत भूमि धारक भी योजना का लाभ नहीं ले सकते. यदि कृषि भूमि किसी ट्रस्ट, कंपनी, बैंक या धार्मिक संस्थान के नाम दर्ज है, तो उससे जुड़े व्यक्ति को योजना की पात्रता नहीं मिलती. सरकार ने योजना का दायरा छोटे और सीमांत किसान परिवारों तक सीमित रखा है.
मानधन योजना में किसान की आर्थिक स्थिति से जुड़े नियम भी लागू होते हैं. यदि किसान या उसके परिवार का कोई सदस्य आयकर देता है, तो परिवार को इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जाता. इस नियम का उद्देश्य ऐसे किसान परिवारों को योजना से अलग रखना है, जो आयकर के दायरे में आते हैं. इसलिए आवेदन करने से पहले किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता तो नहीं है.
योजना में वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों को लेकर भी स्पष्ट प्रतिबंध हैं. वर्तमान या पूर्व संवैधानिक पदों पर रहे लोग मानधन योजना के लिए पात्र नहीं हैं. इसके अलावा वर्तमान या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष भी इस योजना में आवेदन नहीं कर सकते. इस तरह प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का लाभ लेने के लिए किसान को जमीन की सीमा, जमीन के पुराने रिकॉर्ड, आयकर स्थिति और पद से जुड़े सभी पात्रता नियमों को पूरा करना जरूरी है. पात्र किसान ही योजना के तहत 60 वर्ष की उम्र के बाद 3,000 रुपये मासिक न्यूनतम पेंशन का लाभ पाने के लिए आगे बढ़ सकते हैं.